विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार के पास इस तरह के सवाल पर मुस्करा देने के सिवा कोई जवाब नहीं होता। मंत्रालय के एक अन्य सूत्र का कहना है कि राष्ट्रपति ट्रंप को भी तो आखिर कुछ बोलने के लिए चाहिए? वह बोल देते हैं। ठीक वैसे ही जैसे वह पहले कुछ कहते हैं और बाद में पलट जाते हैं।
खास बात यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप 70 लाख या एक करोड़ लोगों के आने का दावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर कर रहे हैं। उन्होंने अपने पहले दावे में कहा था कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें (राष्ट्रपति) बताया कि 70 लाख लोग स्वागत करने के लिए उनका (राष्ट्रपति) का इंतजार कर रहे हैं।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि दूसरे बयान के बाद यह साफ हो गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप यह दावा जान बूझकर कर रहे हैं, लेकिन यह तो केवल वहीं जानते हैं कि ऐसा क्यों कर रहे हैं। इससे पहले जब ट्रंप ने 70 लाख कहा था तो विदेश मंत्रालय के एक बड़े अधिकारी ने कहा था नंबर को लेकर कोई भ्रम रहा होगा। क्योंकि अमेरिका में नंबर बताने के लिए हजार, मिलियन, बिलियन ट्रिलियन का उपयोग किया जाता है।
मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि अहमदाबाद का मोटेरा स्टेडियम नया और बड़ा स्टेडियम है। राष्ट्रपति ट्रंप के स्वागत में सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से शहर तक रोड-शो की योजना है। इस दौरान राष्ट्रपति ट्रंप के स्वागत में जगह-जगह भारतीय संस्कृति की झलक दिखाने के इंतजाम हुए हैं।
अहमदाबाद में डोनाल्ड ट्रंप अभिनंदन समिति के बुलावे राष्ट्रपति आ रहे हैं। यह समिति ही मोटेरा स्टेडियम में आयोजन का खर्च उठा रही है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि प्रोटोकॉल, सिक्योरिटी, सड़क, संसाधन से जुड़े खर्च सरकार उठा रही है। राष्ट्रपति ट्रंप हमारे मेहमान हैं और यही होता है।
लेकिन मोटेरा स्टेडियम में आयोजन का खर्च डोनाल्ड ट्रंप अभिनंदन समिति उठा रही है। हालांकि रवीश कुमार समिति के चेयरमैन या अन्य सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सके। अहमदाबाद के नगर निगम से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि सड़कों के सुंदरीकरण, साज सज्जा, चौड़ीकरण या दीवार के निर्माण का काम नगर निगम के खर्च पर हुआ है।
बताते हैं 30 करोड़ रुपये की लागत से तमाम काम कराए जा चुके हैं। करीब डेढ़ दर्जन सड़कों को सुंदर स्थाई बनाया गया है। नगर निगम ने इसके अलावा अन्य मदों में भी खर्च किया है। बताते हैं कुछ खर्च राज्य सरकार ने उठाया है। अ
हमदाबाद में काम कर रहे ईशान का कहना है कि मोटेरा स्टेडियम से लेकर कई सड़कें प्रधानमंत्री-राष्ट्रपति के पोस्टर्स से अटी हैं। जगह-जगह होर्डिंंग लग रहे हैं, लेकिन कहीं भी किसी और का नाम नहीं लिखा है।