अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस हफ्ते फ्रांस में होने वाले जी-7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर मुद्दे पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा वह भारत-पाकिस्तान के बीच के तनाव को कम करने में भी मदद करेंगे। ट्रंप ने मंगलवार को रोमानिया के राष्ट्रपति क्लॉस इओहानिस का व्हाइट हाउस में स्वागत करते वक्त संवाददाताओं से ये बात कही।
ट्रंप ने कहा, "कश्मीर एक बेहद जटिल जगह है। यहां हिंदू हैं और मुसलमान हैं। और मैं नहीं कहूंगा कि उनके बीच काफी मेलजोल है। मध्यस्थता के लिए जो भी बेहतर होगा मैं वो करूंगा।"
ट्रंप ने ये बात उस सवाल के जवाब में कही जिसमें उनसे भारत और पाकिस्तान के बीच के तनाव के बारे में पूछा गया था। इससे एक दिन पहले उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से फोन पर भी बात की थी। ट्रंप ने कहा कि उन्हें स्थिति को हल करने में खुशी होगी। उन्होंने कहा, "पाकिस्तान के प्रधानमंत्री (इमरान) खान अभी हाल ही में यहां आए थे। मैं उन दोनों से वास्तव में अच्छी तरह से मिलता हूं।"
ट्रंप ने कहा, "उन दो देशों के बीच जबरदस्त समस्याएं हैं। और सबसे अच्छा होगा कि मैं मध्यस्थता कर सकता हूं या कुछ कर सकता हूं। दोनों के साथ अच्छा संबंध हैं, लेकिन वे इस समय दोस्त नहीं हैं।" हालांकि नई दिल्ली ने अमेरिका से ये बात साफ कर दी है कि कश्मीर भारत-पाकिस्तान का द्विपक्षीय मुद्दा है और इसमें तीसरे पक्ष की कोई जरूरत नहीं है।
ट्रंप ने आगे कहा, "सच कहूं तो, यह एक बहुत ही विस्फोटक स्थिति है। मैंने कल प्रधानमंत्री खान से बात की, प्रधानमंत्री मोदी के साथ भी बात की। वे दोनों मेरे दोस्त हैं। वे महान लोग हैं। और वे अपने देश से प्यार करते हैं।"
ट्रंप ने यह भी कहा, "भारत और पाकिस्तान के बीच असहज संबंधों के लिए धर्म एक मुख्य कारण है। इसके लिए बहुत कुछ किया जाना जरूरी है। धर्म एक जटिल विषय है।" बता दें भारत और पाकिस्तान के बीच पांच अगस्त से तनाव जारी है। भारत ने इस दिन जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के खंड दो और खंड तीन को हटा दिया था। इसके अलावा राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में भी बांटा गया। हालांकि भारत ने कहा है कि ये उसका आंतरिक मामला है और पाकिस्तान भी ये बात समझ ले।