अमेरिका में हुए मध्यावधि चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने शुक्रवार को कहा कि इन चुनावों में उदारवाद, धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता की जीत हुई है। चिदंबरम ने कहा कि इससे उन सभी लोगों को सबक लेना चाहिए, जो एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश का नागरिक बनना चाहते हैं।
ट्रंप की पार्टी को कई राज्यों में मिली हार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए इन चुनावों को बड़ा झटका माना जा रहा है। चुनाव में मतदाताओं ने विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी को अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में नियंत्रण दिलाया। इसके अलावा कई अहम राज्यों में गवर्नर पद भी रिपब्लिकन पार्टी के हाथ से निकल गए।
चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अमेरिका में चुनाव के दौरान अवैध प्रवास, एशियाई और लैटिन अमेरिकी लोगों के कथित अतिक्रमण और इस्लामोफोबिया जैसे मुद्दों पर काफी शोर मचाया गया। इन मुद्दों के कारण महंगाई, बेरोजगारी, ईंधन की कीमतों और कानून-व्यवस्था जैसे आम लोगों से जुड़े मुद्दे पीछे छूटने का खतरा था।
'लोकतंत्र की भावना की जीत हुई'
पूर्व केंद्रीय मंत्री चिदंबरम ने कहा कि आखिरकार उदारवाद, धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता के साथ अमेरिका की बुनियादी लोकतांत्रिक समझ और भावना की जीत हुई। उन्होंने कहा, 'एक स्वतंत्र और लोकतांत्रिक देश का नागरिक बनना चाहने वाले सभी लोगों के लिए इसमें एक सबक है।'
रिपब्लिकन पार्टी को कई राज्यों में झटका
चुनाव में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को टेक्सास, जॉर्जिया, आयोवा और ओहायो जैसे अपने मजबूत राज्यों में हार का सामना करना पड़ा। इन राज्यों में गवर्नर पद डेमोक्रेटिक पार्टी ने जीत लिए। सीनेट चुनाव में भी रिपब्लिकन पार्टी को टेक्सास, मेन, दक्षिण कैरोलिना, उत्तरी कैरोलिना, कंसास, आयोवा और ओहायो में हार मिली। चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप ने मतदाताओं से अपील की थी कि वे ऐसा समझकर वोट दें, जैसे वह खुद चुनावी मैदान में हों।
इन नतीजों के बाद कांग्रेस के दोनों सदनों पर रिपब्लिकन पार्टी का नियंत्रण खत्म हो गया। ट्रंप की नीतियों, खासकर ईरान के साथ युद्ध और उससे बढ़ती महंगाई को लेकर लोगों की नाराजगी को रिपब्लिकन पार्टी की हार की सबसे बड़ी वजह माना गया।