पहलगाम आतंकी हमले की पहली बरसी पर अमेरिका, इस्राइल और ऑस्ट्रेलिया ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के प्रति अपना अटूट समर्थन व्यक्त किया है। वैश्विक नेताओं ने 26 निर्दोष पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और शांति के लिए एकजुट होने का संकल्प लिया है।
दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल हुए खौफनाक आतंकी हमले की आज पहली बरसी है। इस मौके पर दुनिया की महाशक्तियों ने आतंकवाद के खिलाफ भाृरत की लंबी लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहने का भरोसा दिया है। भारत में अमेरिका के राजदूत, इस्राइल के विदेश मंत्री और ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त ने सोशल मीडिया के माध्यम से पीड़ितों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
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आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का साथ
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'पहलगाम में हुए उस भयावह हमले की पहली बरसी पर हम मासूम पीड़ितों को याद करते हैं। उनके परिवारों के दुख में हम शरीक हैं और उनकी स्मृति को सम्मान देते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ जारी इस जंग में भारत के लोगों के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है।'
इस्राइल और ऑस्ट्रेलिया ने जताया विरोध
इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने भी इस दुखद मौके पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि इस्राइल आतंकवाद के किसी भी स्वरूप को बर्दाश्त नहीं करेगा। सार ने कहा, 'इस्राइल राष्ट्र की ओर से, मैं पहलगाम हमले के एक साल पूरे होने पर मारे गए निर्दोष लोगों को नमन करता हूं। इस खतरे से निपटने और क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए हम भारत के साथ अपना सहयोग और अधिक मजबूत करेंगे।'
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वहीं, ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ने भी हमले की निंदा करते हुए एक्स पर लिखा कि ऑस्ट्रेलिया हर प्रकार के आतंकवाद के विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया आज भी उन परिवारों के साथ है जो अपनों को खोने का गम झेल रहे हैं।
क्या हुआ था पिछले साल?
गौरतलब है कि पिछले साल 22 अप्रैल को आतंकवादियों ने दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में अचानक अंधाधुंध गोलीबारी कर दी थी। इस कायरतापूर्ण हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी, जिनमें से अधिकांश बेगुनाह पर्यटक थे। इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी व्यापक निंदा हुई थी। आज एक साल बाद भी उन जख्मों की कसक दुनिया के बड़े नेताओं के बयानों में साफ दिखाई दी।