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अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को भनक तक नहीं: भारत ने 2019 में  किया था एंटी-सैटेलाइट मिसाइल परीक्षण, मामला क्या?

Sat, 03 Oct 2026 05:55 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।

सार

आज से करीब साढ़े सात वर्ष पहले भारत ने एक एंटी सेटेलाइट मिसाइल का परीक्षण किया था। इस बात की चर्चा इसलिए खास है क्योंकि एक शीर्ष खुफिया अधिकारी ने कहा है कि अमेरिकी इंटेलिजेंस इस बात का पता लगाने में सफल नहीं रहा था।
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जब भारत ने मिसाइल परीक्षण से चौंकाया - फोटो : अमर उजाला प्रिंट
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विस्तार
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भारत ने 27 मार्च 2019 को जब अंतरिक्ष में एंटी-सैटेलाइट मिसाइल का सफल परीक्षण किया, तब अमेरिका की खुफिया एजेंसियां भी इससे हैरान रह गई थीं। सात साल बाद पूर्व अमेरिकी एयरफोर्स खुफिया अधिकारी डेविड ग्रुश ने पॉडकास्टर जो रोगन से बातचीत में उस घटना को याद करते हुए कहा कि अमेरिकी खुफिया तंत्र को इस परीक्षण की पहले से जानकारी नहीं थी।

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मिसाइल परीक्षण के लिए नोटम जारी किया
खुफिया अधिकारी डेविडग्रुश के मुताबिक, उस समय वह नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस के ऑपरेशंस सेंटर में तैनात थे। भारत ने ओडिशा तट के पास मिसाइल परीक्षण के लिए नोटम जारी किया था। लेकिन लक्ष्य अंतरिक्ष में मौजूद उपग्रह होगा, इसका अंदाजा नहीं था। एजेंसी

एनआरओ में मच गई थी हलचल
ग्रुश ने बताया कि परीक्षण की खबर सामने आने के बाद उनकी पहली चिंता उपग्रह के मलबे को लेकर थी, क्योंकि अमेरिकी जासूसी उपग्रह भी कक्षा में सक्रिय थे। उन्होंने बताया कि उन्होंने तत्काल ऑर्बिटल विश्लेषकों से मलबे के फैलाव और अमेरिकी उपग्रहों को संभावित खतरे का आकलन करने को कहा। इसके बाद ग्रुश ने एनआरओ निदेशक को भी तत्काल जानकारी दी।

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