फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भारत के एसैट परीक्षण से बढ़ सकती है चीन के साथ प्रतिस्पर्धा: अमेरिकी विशेषज्ञ

Wed, 17 Apr 2019 04:54 PM IST
तिवारी अभिषेक भाषा, नई दिल्ली
विज्ञापन
फाइल फोटो - फोटो : Social Media
विज्ञापन

भारत के द्वारा गत महीने किया गया उपग्रह रोधी प्रक्षेपास्त्र परीक्षण स्पष्ट रूप से चीन की ओर लक्षित है और इससे नयी दिल्ली की बीजिंग से प्रतिद्वंद्विता में इजाफा हो सकता है। एक अमेरिकी विशेषज्ञ ने यह आकलन करते हुये कहा है कि भारत को अब खुद विस्तृत अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना चाहिये। 

विज्ञापन


गौरतलब है कि 27 मार्च को भारत ने इतिहास रचते हुये निचली कक्षा के एक उपग्रह को जमीन से आकाश में मार करने वाले प्रक्षेपास्त्र के माध्यम से मार गिराया था। इससे देश को वैश्विक अंतरिक्ष शक्ति के रूप में पहचान मिली और भारत ऐसी क्षमता हासिल करने वाला विश्व का चौथा देश बन गया। इससे पहले यह क्षमता केवल रूस, अमेरिका और चीन के ही पास थी। 

कार्नेगी एंडाउमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस के वरिष्ठ शोधकर्ता और टाटा चेयर फॉर स्ट्रैटजिक अफेयर्स के एश्ले जे टेलिस ने कहा,

भारतीय एसैट परीक्षण वास्तव में चीन की ओर लगाया गया निशाना है। अगर यह चुपचाप भी चले, तो भी इससे बीजिंग के साथ केवल प्रतिद्वंद्विता में बढ़ोतरी होगी।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि इससे यह बात अब छिपी नहीं है कि अब नयी दिल्ली विश्व स्तर पर बड़ी भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब भारत को दीर्घावधि वाली अंतरिक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि भारत को अब बढ़ते चीनी खतरों के बावजूद अपनी अंतरिक्ष क्षमता को अवश्य ही बढ़ाना चाहिये।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें