अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस अपनी भारत यात्रा में भारत-अमेरिकी रक्षा संबंधों को अगले स्तर तक ले जाने की कोशिश करेंगे। उनकी चर्चा में एफ-16 और क्षेत्र की सुरक्षा की स्थिति जैसे मुद्दों के एजेंडे में शीर्ष पर रहने की उम्मीद है।
सेना और अर्थव्यवस्था दोनों संदर्भों में एक मजबूत भारत को अमेरिका के राष्ट्रीय हित में मानने वाले मैटिस रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से मिलेंगे। वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करेंगे।
यह ट्रंप प्रशासन के तहत होने वाली कैबिनेट स्तर की पहली भारत यात्रा है। उनकी यात्रा की तैयारी की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि इस यात्रा का उपयोग भारत-अमेरिकी सैन्य संबंधों का दर्जा उन्नत करने, अफगानिस्तान में बढ़े सामरिक सहयोग प्रदर्शित करने और भारत-प्रशांत क्षेत्र में नौवहन सुरक्षा एवं कानून के शासन को मजबूत करने के लिए नई संस्थागत प्रणालियां विकसित करने में किया जाएगा।
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सूत्रों का कहना है कि मैटिस की 26 और 27 सितंबर की भारत यात्रा के दौरान किसी खास रक्षा व्यापार समझौते की घोषणा नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत आने वाले एफ-16 और एफ-18ए के दो विशिष्ट प्रस्तावों पर चर्चा होगी। इसके अलावा महत्वाकांक्षी डिफेंस टेक्नोलॉजी एंड ट्रेड इनिशिएटिव्स (डीटीआईआई) परियोजना के तहत नई परियोजनाओं की पहचान करने के प्रयास भी किए जाएंगे।