अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर ने भारतीय लोगों को कोरोना का टीका उपलब्ध कराने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी जरूर है, लेकिन उसे कामयाबी मिलना बहुत मुश्किल है। ब्रिटेन और अमेरिका ने टीका के आपात इस्तेमाल को अनुमति दे दी है। इसके पीछे तीन बड़ी वजह हैं जिनके आधार पर सरकार अमेरिकी दवा कंपनी के प्रस्ताव को ठुकरा सकती है।
नियमों को ताक पर नहीं रखा जा सकता
टास्क फोर्स के ही एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि नियमों को ताक पर रख किसी भी आपात स्थिति से लड़ा नहीं जा सकता। अगर फाइजर को अनुमति है तो दुनिया की कई कंपनियां भी आगे से यही करेंगी। नियमों का ध्यान रखते हुए रूस को सीधे तौर पर भारत में टीका नहीं उतारने के लिए कहा गया था।
टीका लगने के बाद भी व्यक्ति दूसरे को संक्रमित कर सकता है, ये पता नहीं
फाइजर के सीईओ अलबर्ट बाउरला ने एक साक्षात्कार के दौरान कहा, टीका लगने के बाद कोई व्यक्ति वायरस को फैला सकता है। कंपनी को इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है। मुझे लगता है कि इस बिंदु पर अध्ययन की जरूरत है। इस बयान के बाद वैक्सीन के कुछ जानकारों का कहना है कि कंपनी ने इस बिंदु पर काम क्यों नहीं किया।