सर्जियो गोर, भारत में अमेरिकी राजदूत
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भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि भारत अब वैश्विक ऑटोमोटिव आपूर्ति शृंखला की अहम कड़ी बन चुका है। भारत ने ऑटो इंडस्ट्री में बदलाव को गति दी है। उन्होंने यह बात ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एसीएमए) के 66वें वार्षिक सत्र में कही। गोर ने एसीएमए की छह दशक लंबी भूमिका की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि हम भारत पर भरोसा करते हैं और भारत के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं। हमारा लक्ष्य एक ऐसा व्यापारिक माहौल बनाना है जहां अमेरिकी तकनीक और आपूर्तिकर्ता भारतीय निर्माताओं तक आसानी से पहुंच सकें, और भारतीय कंपनियां अमेरिकी बाजार में पूरी निष्पक्षता के साथ मुकाबला कर सकें।
भारतीय कंपनियों का अमेरिका में बढ़ रहा कारोबार: गोर
गोर ने भारत-अमेरिका के बीच बढ़ते निवेश का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस साल अमेरिकी बाजार में 24 अरब डॉलर ( करीब 2.28 लाख करोड़) का नया निवेश आया है। इसमें भारतीय कंपनियों की भूमिका भी अहम है। भारत फोर्ज ने नॉर्थ कैरोलिना में नया प्लांट लगाया है। सुंदरम क्लेटन के उत्पाद अमेरिका की असेंबली लाइनों में इस्तेमाल हो रहे हैं। महिंद्रा मिशिगन में रॉक्सर वाहनों का निर्माण कर रही है।
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भारत में भी अमेरिकी कंपनियों का बड़ा निवेश
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने यह भी कहा कि अमेरिकी कंपनियां भी भारत में अपना कारोबार बढ़ा रही हैं। फोर्ड ने चेन्नई प्लांट के आधुनिकीकरण के लिए 370 मिलियन डॉलर (करीब 3,515.03 करोड़) निवेश की घोषणा की है। जॉन डियर का पुणे में बड़ा मैन्युफैक्चरिंग प्लांट है। कमिंस, बोर्गवार्नर, टेनेको और डाना जैसी कंपनियां भी भारतीय वाहन उद्योग से जुड़ी हैं। मेरिटर और भारत फोर्ज की साझेदारी भी चार दशक पुरानी है।
व्यापार को और आसान बनाने पर जोर
सर्जियो गोर ने आगे कहा कि दोनों देश निष्पक्ष और पारस्परिक व्यापार व्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने हाल में हुए ‘पैक्स सिलिका डिक्लेरेशन’ का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक इससे दोनों देशों की कंपनियों के लिए सीमा पार निवेश के नए रास्ते खुल सकते हैं। गोर ने भारतीय ऑटो कंपनियों को अगले सेलेक्ट यूएसए इन्वेस्टमेंट समिट में शामिल होने का न्योता भी दिया।
गोयल की अमेरिका यात्रा भी अहम
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल भी व्यापार वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए अमेरिका जाने वाले हैं। वह महीने के अंत में अमेरिका की यात्रा करेंगे। इस दौरान व्यापारिक मुद्दों के साथ G20 से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी होगी। ऐसे में ऑटो सेक्टर भारत-अमेरिका आर्थिक रिश्तों का अहम हिस्सा बनता दिख रहा है।