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US: 'कोई इसका जवाब कैसे देगा...', अदाणी के खिलाफ दायर आरोपपत्र पर ऐसा क्यों बोले वरिष्ठ वकील रोहतगी, जानें

Wed, 27 Nov 2024 11:05 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रोहतगी ने कहा, "मैंने आरोप पत्र को देखा है। इसमें पांच आरोप लगाए गए हैं। अदाणी को अमेरिकी अदालत में लगाए गए आरोप पत्र का जवाब देना होगा। वे अमेरिका में ही कानूनी परामर्श लेंगे।"
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गौतम अदाणी और मुकुल रोहतगी। - फोटो : ANI/PTI
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विस्तार
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अमेरिका में अदाणी समूह और इसके मालिक गौतम अदाणी को लेकर लगे आरोपों पर भारत के दो सबसे अनुभवी और वरिष्ठ वकीलों में शुमार मुकुल रोहतगी और महेश जेठमलानी ने अपनी राय दी है। मीडिया को संबोधित करते हुए बुधवार को सबसे पहले भारत के पूर्व अटॉर्नी जनरल रोहतगी ने कहा कि अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी का नाम घूस खिलाने या न्याय में बाधा डालने जैसे आरोपों में नहीं है। 
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रोहतगी ने कहा, "मैंने आरोप पत्र को देखा है। इसमें पांच आरोप लगाए गए हैं। अदाणी को अमेरिकी अदालत में लगाए गए आरोप पत्र का जवाब देना होगा। वे अमेरिका में ही कानूनी परामर्श लेंगे। मैंने आपको पांच आरोपों के बारे में बताया। आरोप-1 और आरोप-5 सबसे ज्यादा अहम हैं और इनमें से किसी में भी अदाणी का नाम नहीं है।"

वरिष्ठ वकील ने कहा कि किसी चार्जशीट में कई आरोप होते हैं तो उनमें अलग-अलग आरोपों के लिए अलग-अलग आरोपियों की पहचान होती है। पहले आरोप में अदाणी के अलावा कुछ और लोगों के नाम हैं। इनमें कुछ अधिकारी और एक विदेशी व्यक्ति का भी नाम है। पहला आरोप अमेरिका के विदेश मामलों में भ्रष्टाचार-रोधी कानून के उल्लंघन को लेकर लगाया गया है। हालांकि, इसमें किसी अदाणी का नाम नहीं है।
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रोहतगी ने बताया कि अदाणी का जिक्र सिर्फ प्रतिभूति और बॉन्ड्स के मामलों में आता है। उन्होंने कहा, "इस चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि अदाणी और कुछ और लोगों ने ऊर्जा की खरीब और सप्लाई से जुड़े भारतीय संस्थानों में अफसरों को घूस दी है। लेकिन मुझे इस आरोपपत्र में एक भी नाम या जानकारी नहीं मिलती कि किसे यह रिश्वत दी गई या किस तरह से यह रिश्वत दी गई या कोई घूस लेने वाला अधिकारी किस विभाग का है। यह चार्जशीट इस मामले में पूरी तरह चुप है। ऐसे में मुझे समझ नहीं आता कि कोई कैसे इसका जवाब देगा।"

उन्होंने कहा, "इस आरोपपत्र में पांचवां आरोप, जो कि न्याय में बाधा डालने का है, उसमें भी अदाणी या उनके अफसरों का नाम नहीं है। अदाणी इस मामले में अपने हिसाब से जवाब देंगे। वे अलग-अलग स्टॉक एक्सचेंज को भी इससे जुड़ी प्रतिक्रियाएं देंगे। हालांकि, इस मामले में यह मेरी निजी राय है।"

अदाणी समूह कर चुका है आरोपों को खारिज
इससे पहले अरबपति गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर लगे आरोपों को अदाणी समूह ने सिरे से खारिज कर दिया। अदाणी समूह ने बुधवार को कहा कि गौतम अदाणी और उनके भतीजे पर रिश्वतखोरी का कोई आरोप नहीं है। इसके अलावा उन पर एक मामले में अमेरिकी अधिकारियों की ओर से कोर्ट में दायर अभियोग में अमेरिकी विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (एफसीपीए) के किसी भी उल्लंघन का आरोप भी नहीं लगाया गया है। पढ़ें पूरी खबर...



अमेरिकी अभियोजकों ने अदाणी समूह पर क्या आरोप लगाए?
अमेरिकी अभियोजकों ने गौतम अदाणी (62), उनके भतीजे सागर अदाणी और अन्य पर सौर ऊर्जा अनुबंध हासिल करने के लिए 2020 से 2024 के बीच भारतीय सरकारी अधिकारियों को 25 करोड़ डॉलर से अधिक की रिश्वत देने का आरोप लगाया है। अदाणी पर 2,029 करोड़ रुपये (265 मिलियन डॉलर) की रिश्वतखोरी का आरोप लगा है। एक अनुमान के अनुसार इससे समूह को संभावित रूप से दो अरब डॉलर से अधिक का लाभ हो सकता है। अमेरिकी अभियोजकों ने आरोप लगाया कि यह सब उन अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से छुपाया गया, जिनसे अदाणी समूह ने इस परियोजना के लिए अरबों डॉलर जुटाए थे। कुछ रिपोर्ट्स में किए गए दावों के अनुसार, गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया गया। 
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