पोम्पियो ने कहा कि अमेरिका लगातार कोविड-19 की उत्पत्ति और इसके फैलने की जड़ की जांच की मांग उठाता रहा। इस हफ्ते विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीम चीन में जांच शुरू कर रही है। ऐसे में अमेरिका जो जानकारियां साझा कर रहा है, वह चीन के इस सरकारी संस्थान में 2019 में हुई गतिविधियों से जुड़ी हैं। संगठन की टीम को इन बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए चीन की जांच करनी चाहिए। रिपोर्ट में आरोपों की यह वजहें और तथ्य बताए हैं -
वुहान के संस्थान के अध्ययनकर्ता सितंबर में हुए थे बीमार
अमेरिका ने दावा किया कि वुहान के संस्थान में 2019 के सितंबर महीने में कई अध्ययनकर्ता अचानक बीमार पड़े थे। उस समय कोविड-19 रोग की पहचान नहीं हुई थी, लेकिन इन बीमारों में इसी के लक्षण थे। संस्थान के एक वरिष्ठ अध्ययनकर्ता ने बाद दावा किया कि यहां कोई अध्ययनकर्ता बीमार नहीं हुआ, ऐसा झूठा क्यों बोला गया?
यहां 2016 से चमगादड़ के वायरस पर शोध जारी था
संस्थान में 2016 से चीन सरकार आरएटीजी-13 नामक चमगादड़ के वायरस पर अध्ययन करवा रही है। यह वायरस कोविड-19 फैला रहे सार्स-सीओवी-2 वायरस से 96.2 प्रतिशत मिलता जुलता है। जनवरी 2020 के बाद से इस संस्थान ने आरएटीजी-13 पर अब तक किए अध्ययनों को छिपाना शुरू कर दिया। वह इसके बारे में पुख्ता जानकारी भी नहीं दे रहा है। आशंका है कि चीनी अध्ययनकर्ता लैब में इस वायरस की घातकता और फैलने के तरीकों पर शोध कर रहे थे।
संस्थान में सेना करवा रही अध्ययन
पोम्पियो के अनुसार वुहान के इस संस्थान को वैसे तो चीनी सरकार नागरिक संस्थान बताती है, लेकिन यहां कई चीनी सैन्य अध्ययन प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। कई गुप्त सैन्य अध्ययन करवाए जा रहे हैं, इनमें जीवों पर शोध भी शामिल है। यह अध्ययन खासतौर से 2017 से हो रहे हैं।
रोक सकते थे महामारी
पोम्पियो का दावा है कि कोविड-19 महामारी टाली जा सकती थी। अगर एक जिम्मेदार देश में वुहान जैसी घटना होती, वह तुरंत डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य विशेषज्ञों को आमंत्रित करता। चीन ने इससे इनकार कर दिया। विश्व को इस वायरस के खतरे से आगाह कर रहे अपने ही ईमानदार चिकित्सकों, पत्रकारों, वैज्ञानिकों को सजा भी दी। आज भी बीजिंग जरूरी जानकारियां छिपा रहा है, जो वैज्ञानिकों को मिलनी चाहिए ताकि वे लोगों की जान बचा सकें। इससे हम भविष्य में फैलने वाले वायरसों से भी बच सकेंगे।
चीन पैदा कर सकता है नया वायरस
अमेरिका ने इस लैब के वायरस सैंपल, लैब रिकॉर्ड, चश्मदीदों, स्टाफ और कार्यकर्ताओं से संपर्क बेहद जरूरी बताया। उसने चेताया कि चीनी की कम्युनिस्ट पार्टी जब तक ऐसा नहीं करती, पूरी आशंका है कि चीन थोड़े समय बाद एक नया वायरस पैदा करके दुनिया पर फिर एक बार एक और महामारी थोप दे।