राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ प्रधानमंत्री
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रविवार को जम्मू कश्मीर के उड़ी में सेना की डोगरा रेजीमेंट के कैंप में हुए आतंकी हमले की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को उनसे मिलकर दी है।
प्रधानमंत्री की राष्ट्रपति के साथ यह बैठक दिन भर अधिकारियों के साथ बैठकों के लंबे दौर के बाद हुई है। सरकार ने देश में पाकिस्तान के खिलाफ राजनीतिक सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है।
इस बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाए इस विषय में विचार-विमर्श्र करने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है।
पीएमओ मीटिंग
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इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने आज सुबह उड़ी हमले से संबंधित बैठक की अध्यक्षता की जिसमें उनके मंत्रिमंडल के प्रमुख सदस्यों के साथ-साथ सेना और अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में यह तय हुआ कि अब सरकार पाकिस्तान के प्रति अब आक्रामक रुख अख्तियार करेगी। इसके अलावा सरकार संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान को घेरने की तैयारी कर रही है। वही गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी सारी दुनिया के देशों से पाकिस्तान को अलग थलग कर देने की मांग की है।
इस बैठक में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर, वित्त मंत्री अरुण जेटली, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल, सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग के साथ-साथ गृह और सुरक्षा मंत्रालय के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
डीजीएमओ
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इससे पहले सेना ने भी अपने इरादे जाहिर कर दिए। सर्च ऑपरेशन के बाद प्रेस कांफ्रेस करते हुए सेना के डीजीएमओ रणबीर सिंह ने कहा है कि भारतीय सेना के पास हर तरह के आतंकी हमले से निपटने की क्षमता है।
भारतीय सेना इन हमलों का मुंहतोड़ जवाब वक्त आने पर अब अपने तरीके से देगी । 2016 में सीमापार से 17 बार घुसपैठ की कोशिश की थी जिसे सेना ने नाकाम कर दिया था।