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शहरी विकास मंत्री ने कहा, जल्द खत्म करेंगे रेहड़ी-खोमचे वालों की समस्याएं

Tue, 18 Sep 2018 08:06 PM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
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hardeep singh puri
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आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी का कहना है कि स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट को प्रभावी बनाने को लेकर वे सभी राज्यों के शहरी विकास मंत्रियों के साथ बैठक करेंगे। पुरी ने रेहड़ी-खोमचे वालों को शहरी जिंदगी का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि वे इसे लेकर समीक्षा कार्यशाला भी आयोजित करेंगे, ताकि उनकी दिक्कतें खत्म हों।
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मंगलवार को नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया की राष्ट्रीय कार्यशाला के आयोजन के मौके पर केन्द्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि केन्द्र सरकार जल्द ही रेहड़ी, पटरी एवं खोमचे वालों की आजीविका की सुरक्षा को लेकर जल्द ही बड़ा कदम उठाने वाली है। पुरी ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि वे अगले तीन महीने में राज्यों के सभी शहरी विकास मंत्रियों की बैठक बुलाने वाले हैं। इस बैठक में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट, 2014 के क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने कहा कि कानून बनने के चार साल बाद भी रेहड़ी-पटरी वालों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। जमीनी स्तर पर इसकी जानकारी का आभाव है।
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दूर करेंगे समस्याएं

पुरी का कहना है कि अगर इस एक्ट के क्रियान्वयन को लेकर कोई विसंगति पाई जाती है, तो वे उसे दूर करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि एक्ट के लागू होने को लेकर जल्द से जल्द पहल की जानी चाहिए। केन्द्रीय मंत्री के मुताबिक केन्द्र सरकार ने 2014 में स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट लाकर इस सेक्टर को अनौपचारिक से औपचारिक बनाने की पहल की थी। उन्होंने कहा कि रेहड़ी, पटरी एवं खोमचे वालों को ध्यान में रखते हुए योजनात्मक तरीके से शहरीकरण किए जाने की जरूरत है। उनके लिए विशेष तौर पर जगह बनाई जानी चाहिए, ताकि वे सुरक्षा और सम्मान के साथ अपना व्यवसाय चला सकें।

केस के चलते हो रही है देरी

पुरी ने कहा कि इस सेक्टर को असंगठित से संगठित किए जाने की जरूरत है। उनका मानना है कि रेहड़ी-खोमचे वाले शहरी जिंदगी का अहम हिस्सा हैं और इन्हें समर्थन दिए जाने की जरूरत है, ताकि शहर की रोजमर्रा की जरूरतों की निर्बाध रूप से पूर्ति होती रहे। उन्होंने कहा कि इस एक्ट के क्रियान्वयन को लेकर हरियाणा-पंजाब हाईकोर्ट में एक केस लंबित है, जिसमें ज्यूडिशियल बॉडी बनाने की बात कही गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही मामले को सुलझा लिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही संयुक्त सचिव स्तर पर स्ट्रीट वेंडर्स एसोसिएशंस की समस्याएं भी सुनी जाएंगी।
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क्या है स्ट्रीट वेंडर्स एक्ट

इस एक्ट का उद्देश्य शहरी इलाकों के रेहड़ी-खोमचे वालों के हितों की रक्षा करना करना एवं सड़क किनारे बेचने वाले लोगों की विक्रय गतिविधियों को नियमित करना है। इसके अलावा उस तबके के लिए ऐसा माहौल तैयार करना है, जिसमें वे सुगमता तथा पारदर्शिता के साथ कारोबार कर सकें और उन्हें किसी भी प्रकार से निकाले जाने एवं प्रताड़ित किए जाने का भय न हो। इस एक्ट के तहत सभी राज्यों को टाउन वेंडिंग कमेटी बनाने का निर्देश है। हालांकि कई राज्यों में इन कमेटियों को क्रियान्वित किया जा चुका है। टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) के 40 प्रतिशत सदस्य चुनाव के जरिए स्ट्रीट वेंडरों में से ही होंगे, इनमें एक-तिहाई महिलाएं होंगी। इस विधेयक में स्ट्रीट वेंडरों के लिए सरकार द्वारा किए जाने वाले कर्जे की उपलब्धता, बीमा और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अन्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों का प्रावधान किया गया।
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