फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले चारों लोगों ने ऋण सलाहकार चिंतन शाह, महाप्रबंधक किन्नरभाई और प्रबंधक अतुल शाह के खिलाफ अहमदाबाद के आनंदनगर पुलिस थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की शिकायत दर्ज कराई थी।
गुजरात हाईकोर्ट में जज के सामने चार लोगों द्वारा आत्महत्या की कोशिश करने का हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। इस घटना से जज भी व्यथित नजर आए। जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को हाई कोर्ट में धोखाधड़ी के एक मामले में सुनवाई के दौरान ये वाकया हुआ। सुनवाई के दौरान, कोर्ट रूम में अचानक एक साथ चार लोगों ने फिनाइल पीकर आत्महत्या करने की कोशिश की। पुलिस ने आनन-फानन में स्थिति को संभला और चारों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा। इस घटना के बाद एक बार फिर अदालत परिसर में सुरक्षा के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
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जानकारी के मुताबिक, फिनाइल पीकर आत्महत्या की कोशिश करने वाले चारों लोगों ने ऋण के लिए बैंक से संपर्क किया था, जिसे विधिवत रूप से मंजूर किया गया था, लेकिन कलर मर्केंटाइल को-ऑपरेटिव बैंक के महाप्रबंधक और दो अन्य लोगों ने धोखाधड़ी करते हुए उनके दस्तावेजों को जाली बनाकर रकम को निकाल लिया था। इस संबंध में पीड़ितों ने तीनों आरोपियों के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई थी। बावजूद इसके बैंक की ओर से उन्हें कर्ज की वसूली के लिए परेशान किया जा रहा था।
पुलिस ने कहा कि इस कारण वे पहले से ही व्यथित थे। उनके मुकदमे के सुनवाई के दौरान, जब अदालत ने आरोपियों ने को गिरफ्तारी से पहले ही जमानत दे दी तो वे और परेशान हो गए और उन्होंने आत्महत्या करने की कोशिश की। सोला पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर जिग्नेश अग्रावत ने बताया कि फिलहाल चारों लोगों की हालत स्थिर है। चारों की पहचान शैलेश पांचाल (52), उनकी पत्नी जयश्रीबेन (50), हार्दिक पटेल (24) और मनोज वैष्णव (41) के रूप में हुई है। वे अहमदाबाद के रहने वाले थे।
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उन्होंने यह भी बताया कि पांचाल, उनकी पत्नी और अन्य दो ने ऋण सलाहकार चिंतन शाह, महाप्रबंधक किन्नरभाई और प्रबंधक अतुल शाह के खिलाफ अहमदाबाद के आनंदनगर पुलिस थाने में जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की शिकायत दर्ज कराई थी।