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UPSC/IES: सिविल सेवा तैयारी के लिए गार्गी कालेज के प्रोफेसर का अनूठा तरीका, उनके पढ़ाए 5 छात्रों ने मारी बाजी

Tue, 10 Jan 2023 06:54 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

UPSC/IES: यूपीएससी की परीक्षा 'आईईएस' 2022 का परिणाम 29 दिसंबर को जारी किया गया था। 'भारतीय आर्थिक सेवा' के अंतर्गत कुल 24 पदों को भरा जाना था। संघ लोक सेवा आयोग ने 23 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए अनुशंसा की थी। इनमें से पांच उम्मीदवार ऐसे रहे, जिन्होंने बहुत सामान्य तरीके से एवं बिना किसी खर्च के परीक्षा की तैयारी की थी...
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गार्गी कालेज में अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर, सिद्धार्थ राठौर - फोटो : Amar Ujala
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दिल्ली विश्वविद्यालय के गार्गी कालेज में अर्थशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर, सिद्धार्थ राठौर ने बहुत कम समय में दर्जनभर उम्मीदवारों को एक अनूठे तरीके से इंडियन इकोनॉमिक सर्विस (आईईएस), 2022 की परीक्षा की तैयारी कराई। प्रोफेसर राठौर की मेहनत रंग लाई और उनके 11 परीक्षार्थियों में से पांच उम्मीदवारों ने यूपीएससी की आईईएस परीक्षा में सफलता का परचम लहरा दिया। उन्होंने तैयारी का जो मूल मंत्र रखा, उसमें 'क्या पढ़ना है' नहीं, बल्कि 'कैसे पढ़ना है' पर फोकस किया गया। प्रोफेसर राठौर ने कहा, सिविल सर्विस की परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग पर लाखों रुपये खर्च करने की जरूरत नहीं है।

बिना किसी खर्च के हुई परीक्षा की तैयारी …

यूपीएससी की परीक्षा 'आईईएस' 2022 का परिणाम 29 दिसंबर को जारी किया गया था। 'भारतीय आर्थिक सेवा' के अंतर्गत कुल 24 पदों को भरा जाना था। संघ लोक सेवा आयोग ने 23 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए अनुशंसा की थी। इनमें से पांच उम्मीदवार ऐसे रहे, जिन्होंने बहुत सामान्य तरीके से एवं बिना किसी खर्च के परीक्षा की तैयारी की थी। इनमें से ईशा गर्ग (रोल नंबर 0871829, चौथी रैंक), राधिका गोयल (रोल नंबर 0871029 छठी रैंक), कौस्तुभ राजपूत (रोल नंबर 0871169 सातवीं रैंक), कृति (रोल नंबर 1570080 17वीं रैंक) और मुस्कान जैन (रोल नंबर 0871702 23वीं रैंक) शामिल हैं। बाकी बचे छह उम्मीदवारों की दोबारा से परीक्षा की तैयारी कराई जा रही है। राधिका और कौस्तुभ राजपूत, ने पहले प्रयास में ही आईईएस परीक्षा पास की है।

'पिंक प्रोफेसर' नाम से बनाई गई वेबसाइट

प्रो. राठौर बताते हैं, 11 उम्मीदवारों को लेकर उन्होंने एक ग्रुप बनाया। इसमें उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के साथ-साथ कुछ रीडिंग मैटेरियल भी दिया गया। यह तैयारी बहुत सामान्य तरीके से चली। यूं भी कह सकते हैं कि ये एक ट्रायल का हिस्सा था। ग्रुप में अर्थशास्त्र एवं बैंकिंग सिस्टम से जुड़े कई विशेषज्ञों, सिविल सर्वेंट्स और कुछ प्रोफेसर को भी शामिल किया गया। साल 2019 में आईईएस की सफल उम्मीदवार निकिता भी ग्रुप का हिस्सा बनीं। ग्रुप के साथ ही 'पिंक प्रोफेसर' नाम से एक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल भी शुरू किया गया। ईशा के मुताबिक, प्रो राठौर की मुख्य बात ये रही कि उन्होंने उम्मीदवारों को किताबों के बोझ तले नहीं दबने दिया। उन्होंने 'क्या पढ़ना है', पर नहीं, कैसे पढ़ना है, इस फार्मूले को परीक्षा की तैयारी के केंद्र में रखा। उन्होंने साबित किया है कि इस तरह की परीक्षा के लिए कोचिंग की आवश्यकता नहीं है। इसके लिए केवल 'सटीक एवं लक्ष्यभेदी' मार्गदर्शन जरुरी है।

कोचिंग तो है, मगर मेंटरशिप का अभाव है

बतौर प्रो. राठौर, नोट्स पर फोकस करना जरूरी है, मगर इसके लिए एक तय दिशा का होना आवश्यक है। आजकल गूगल पर सब कुछ उपलब्ध है। रीडिंग मैटेरियल की भरमार है। इन सबके बीच उम्मीदवारों को केवल एक ही बात की कमी खलती है, वह है कि परीक्षा की तैयारी 'कैसे करनी है'। कोचिंग आसानी से उपलब्ध है, मगर मेंटरशिप कहीं नहीं मिलती। मोटिवेशन का अभाव रहता है। बता दें कि प्रो. राठौर, बतौर गेस्ट फैकल्टी, लाल बहादुर शास्त्री नेशनल अकेडमी ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन (लबासना) में भी सिविल सर्वेंट्स को लेक्चर देते हैं। सिविल सर्विस के प्रतिभागियों को निशुल्क तैयारी करा रहे प्रो. राठौर ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कालेज से ग्रेजुएशन और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीजी किया है। सिविल सेवा की तैयारी कर रहा कोई भी प्रतिभागी, प्रो. राठौर की वेबसाइट से निशुल्क स्ट्डी मटीरियल और मार्ग दर्शन प्राप्त कर सकता है।

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