भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग बदलकर भगवा करने पर विपक्ष ने सरकार की आलोचना की। विपक्षी नेताओं ने गुरुवार को चिंता व्यक्त की कि भारतीय सेना की वर्दी का रंग भी बदला जा सकता है।इसके साथ ही उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर हर जगह भगवा रंग थोपने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
प्रियंका वाड्रा ने क्या कहा?
उन्होंने कहा, 'इस देश की आजादी की लड़ाई सत्य और अहिंसा पर आधारित थी। इसमें आरएसएस का कोई नामोनिशान नहीं था।' प्रियंका ने इस बात पर जोर दिया कि राष्ट्र सत्य को पहचानता है, और जो लोग इसे नहीं पहचानते हैं वे भाजपा-आरएसएस के असली इरादों को समझने लगे हैं।
'उन पर कोई कैसे भरोसा कर सकता है?'
कांग्रेस सांसद अमर सिंह ने आरोप लगाया कि भाजपा हर चीज का भगवाकरण करना चाहती है। इसके साथ ही चेतावनी दी कि हॉकी की जर्सी बदलने के बाद वे सेना की वर्दी के साथ भी ऐसा ही कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'आज उन्होंने हॉकी के साथ ऐसा किया है; कल वे सेना के साथ भी ऐसा ही कर सकते हैं। उन पर कोई कैसे भरोसा कर सकता है? वे हर जगह भगवा रंग चाहते हैं।'
इस कदम को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सिंह ने जोर देकर कहा कि सत्ता में आने पर किसी भी राजनीतिक दल को ऐसे प्रतीकों में बदलाव नहीं करना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, 'हर चीज का अपना इतिहास और महत्व होता है। लेकिन ये बदलाव रुकते नहीं हैं। हम क्या कर सकते हैं?'
भाजपा की संकीर्ण विचारधारा को दर्शाता है
टीएमसी नेता ने क्या कहा?
टीएमसी नेता कीर्ति आजाद ने कहा, 'भगवा बनाम हरे रंग का सवाल ही मायने नहीं रखता। मैदान पर प्रदर्शन मायने रखता है। क्रिकेट में भी हम सफेद कपड़े पहनकर खेलते थे। रंग मायने नहीं रखता; प्रदर्शन मायने रखता है।' उन्होंने कहा, 'याद रखिए, आप किसी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या चर्च में जाकर सौ रुपये चढ़ा सकते हैं और प्रार्थना कर सकते हैं, 'हे भगवान, कल मुझे शतक बनाने में मदद कीजिए।' ऐसा नहीं होता। यह आप अपने स्वयं के प्रयासों से हासिल करते हैं। इसलिए, यह कपड़ों के रंग के बारे में नहीं है। यह खेल में आपकी क्षमता के बारे में है।'
इसी दौरान, आजाद ने पारंपरिक नीली जर्सी को बदलने की आवश्यकता पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'अगर नीला रंग परंपरागत रूप से हमारे खेलों से जुड़ा रंग रहा है, तो ऐसा ही रहना चाहिए। इस पर धार्मिक रंग क्यों थोपा जाए?'