सार
तमिलनाडु में युवक की मौत पर एआईएडीएमके ने सरकार को घेरा है। पार्टी ने इसे पुलिस प्रताड़ना से हुई मौत बताया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि आरोपी भागते समय पुल से गिरकर घायल हुआ था और इलाज के दौरान उसकी मौत हुई।
तमिलनाडु के शिवगंगा में एक 26 साल के युवक की मौत को लेकर राजनीति गरमा गई है। विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके ने राज्य सरकार की कड़ी आलोचना की है। पार्टी का आरोप है कि पुलिस ने आकाश डेलिसन नाम के युवक को बेरहमी से टॉर्चर किया, जिससे उसकी जान चली गई। एआईएडीएमके ने सोशल मीडिया पर इस घटना को कस्टोडियल डेथ यानी हिरासत में मौत बताया है।
पार्टी ने लगाए आरोप
पार्टी का कहना है कि आकाश एक इंजीनियरिंग ग्रेजुएट था और अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखता था। पुलिस ने पूछताछ के नाम पर उसे उठाया और बुरी तरह पीटा। पार्टी ने पुलिस के उस दावे को भी झूठा बताया जिसमें कहा गया कि युवक पुल से गिरने की वजह से घायल हुआ था। एआईएडीएमके के अनुसार, यह जंगल में की गई पिटाई को छिपाने का एक बहाना है। पार्टी ने यह भी दावा किया कि आकाश ने मरने से पहले अपनी मां को पुलिस की पिटाई के बारे में बताया था।
ये भी पढ़ें: Tamil Nadu: 'पलानीस्वामी का भी बिहार के मुख्यमंत्री जैसा हाल होगा', तमिलनाडु के सीएम स्टालिन का बड़ा दावा
पुलिस ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी तरफ, तमिलनाडु पुलिस ने इन आरोपों को खारिज किया है। पुलिस महानिदेशक कार्यालय से जारी बयान में कहा गया कि आकाश डेलिसन एक हिस्ट्री-शीटर था। उस पर हत्या की कोशिश समेत कई मामले दर्ज थे। 6 मार्च को एक हमले के मामले में पुलिस उसे तलाश रही थी। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी से बचने के लिए भागते समय वह एक पुल से गिर गया, जिससे उसके पैर में गंभीर चोट आई।
पुलिस के अनुसार, आकाश का इलाज पहले शिवगंगा मेडिकल कॉलेज में हुआ। इसके बाद मनामदुरई के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने उसे 18 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। मजिस्ट्रेट के आदेश पर 7 मार्च को उसे मदुरै के सरकारी राजाजी अस्पताल के कैदी वार्ड में शिफ्ट किया गया। 8 मार्च की सुबह उसे सांस लेने में तकलीफ हुई। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सुबह करीब 5:45 बजे उसकी मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि मौत के समय वह न्यायिक रिमांड और मेडिकल निगरानी में था।
स्थानीय लोगों ने किया प्रदर्शन
आकाश की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार और स्थानीय लोगों ने मनामदुरई में सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। वे इस मामले की पारदर्शी जांच और न्याय की मांग कर रहे हैं। एआईएडीएमके ने राज्य सरकार से मांग की है कि वह हिरासत में हो रही मौतों की जिम्मेदारी ले। पार्टी ने इस मामले में शामिल पुलिस अधिकारियों के व्यवहार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। विपक्षी दल का कहना है कि राज्य में ऐसी घटनाएं बार-बार हो रही हैं, जो चिंता का विषय है।
अन्य वीडियो-