Politics: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में अब रमजान के महीने में मुसलमान कर्मचारियों के काम करने के समय में एक घंटे की छूट को लेकर सियासत तेज होने लगी है। भाजपा और कांग्रेस के नेता एक-दूसरे पर कई आरोप लगा रहे हैं। वहीं इस फैसले को अन्य राज्यों में भी लागू किए जाने की भी मांग की जा रही है।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की सरकारों की तरफ से रमजान महीने के दौरान मुसलमान कर्मचारियों के काम के घंटे कम करने के फैसले को लेकर सियासी घमासान मच गया है। इस पर कांग्रेस ने जहां भाजपा पर निशाना साधा है, वहीं भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया है।
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कांग्रेस नेताओं का भाजपा पर निशाना
मामले में कांग्रेस नेता वी हनुमंत राव ने कहा, 'रमजान मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा त्योहार है... लोगों को नमाज पढ़ने और अपना उपवास खत्म करने का समय नहीं मिलता है, यही वजह है कि सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की शिफ्ट का समय एक घंटे कम कर दिया है। भाजपा इसका राजनीतिकरण क्यों कर रही है?... हमारी पार्टी धर्मनिरपेक्ष है। हम हर धर्म को समान मानते हैं... भाजपा का एक ही एजेंडा है, जो हिंदू समुदाय को खुश करना है'।
असम सरकार भी ये फैसले करे लागू- अब्दुर रशीद मंडल
इधर इस पर कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, 'जब यह तेलंगाना में होता है, तो यह अपराध है। लेकिन अगर यह आंध्र प्रदेश में होता है, जहां उन्हें जीवित रहने के लिए टीडीपी का समर्थन प्राप्त है, तो सब कुछ ठीक है। पाखंड की भी एक सीमा होती है'। इस पर असम से कांग्रेस विधायक अब्दुर रशीद मंडल ने कहा, 'यह फैसला उचित है क्योंकि लोग शाम के समय (रमजान के दौरान) आसानी से काम करने की स्थिति में नहीं होते हैं... अगर असम सरकार भी इसे लागू करती है तो यह एक अच्छा फैसला होगा।'
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तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा- राजा सिंह
भाजपा विधायक राजा सिंह ने कहा कि मुस्लिम कर्मचारियों को दी गई यह अनुमति 'तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा' है। सोशल मीडिया मंच एक्स पर सरकारी परिपत्र साझा करते हुए उन्होंने कहा, 'तेलंगाना सरकार रमजान के लिए जल्दी छुट्टी देती है, लेकिन हिंदू त्योहारों को नजरअंदाज करती है। सभी के लिए समान अधिकार, या किसी के लिए नहीं।'