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बंगाल में मांसाहार पर बवाल: धीरेंद्र शास्त्री बोले- नवरात्र में नॉनवेज न खाएं, भाजपा ने दी संस्कृति की दुहाई

Mon, 07 Sep 2026 05:04 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने नवरात्रि के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं के आसपास मांसाहारी भोजन न बेचने की अपील की है। जिसके बाद पश्चिम बंगाल में नई बहस छिड़ गई है। इस पूरे मामले को लेकर भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने शास्त्री की टिप्पणी को उनकी निजी राय बताया है और कहा कि बंगाली अष्टमी पर पूरी और नवमी पर मटन खाते हैं। शास्त्री के बयान के बाद बंगाली हिंदुओं के बीच बहस छिड़ गई।
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पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा और नवरात्रि के दौरान दुर्गा प्रतिमाओं के आसपास मांसाहारी भोजन नहीं बेचने की अपील की है। हावड़ा के लिलुआ में तीन दिवसीय हनुमंत कथा के दौरान शास्त्री ने बंगाल के हिंदुओं से पूरी श्रद्धा और ईमानदारी के साथ नवरात्रि मनाने और अनुष्ठान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भले ही कोई देवी की प्रतिमा स्थापित न करे, लेकिन प्रतिमा के आसपास नॉन-वेज भोजन नहीं बेचा जाना चाहिए। शास्त्री की इस अपील के बाद बंगाली हिंदुओं के बीच बहस छिड़ गई है। 

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वीएचपी की सलाह के बाद आया धीरेंद्र शास्त्री का बयान
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह अपील विश्व हिंदू परिषद की उस सलाह के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जिसमें पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा आयोजकों से पूजा पंडालों के आसपास मांसाहारी भोजन न रखने की बात कही गई थी। वीएचपी ने इसे त्योहार की पवित्रता बनाए रखने से जोड़ते हुए अपनी बात रखी थी। अब शास्त्री की ओर से भी इसी तरह की अपील किए जाने के बाद मामला और गरमा गया है।  

'हर महिला में मां को देखें', लव जिहाद का भी किया जिक्र
6 सितंबर को हनुमंत कथा के समापन दिवस पर शास्त्री ने कहा,'दुर्गा प्रतिमाओं के पास मांसाहारी भोजन नहीं बेचा जाना चाहिए। हम बंगाल के हिंदुओं से अपील करते हैं कि वे नवरात्रि के दौरान यह सुनिश्चित करें, चाहे वे दुर्गा पूजा करें या प्रतिमा स्थापित करें या न करें। इस नवरात्रि, पश्चिम बंगाल को लव जिहाद से मुक्त करने का संकल्प लें। प्रतिमा में मां के दर्शन करें, लेकिन हर महिला में भी मां को देखें।' उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा से पहले धार्मिक परंपराओं और खान-पान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो रही है।
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बंगाली हिंदुओं के बीच क्यों मचा बवाल?
शास्त्री की अपील सामने आने के बाद अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कुछ लोगों ने उनकी बात पर गंभीर आपत्ति जताई और बंगाल की धार्मिक तथा सांस्कृतिक परंपराओं को लेकर उन्हें नसीहत दी। वहीं, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर इस बयान का मजाक भी उड़ाया।

भाजपा ने शास्त्री के बयान से बनाई दूरी
शास्त्री के बयान पर बढ़ते विवाद के बीच पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य ने सोमवार को कहा कि वह धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को एक 'सम्मानित व्यक्ति' मानते हैं और उनसे उनकी मुलाकात भी हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि मांसाहारी भोजन को लेकर शास्त्री की टिप्पणी उनकी निजी राय है और पार्टी इसका समर्थन नहीं करती। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शमिक भट्टाचार्य ने कहा, 'हम बंगाली अष्टमी पर पूरी और नवमी पर मटन खाते हैं।' उनका यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पार्टी के लिए बंगाल में स्थानीय खान-पान और सांस्कृतिक पहचान का सवाल लंबे समय से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है।

पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है दुर्गा पूजा 
बता दें कि दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा त्योहार है। 'कोलकाता में दुर्गा पूजा' को यूनेस्को की 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' सूची में भी शामिल किया गया है।

चुनाव से पहले भी मांसाहारी भोजन बना था मुद्दा
विधानसभा चुनावों से पहले पश्चिम बंगाल में मांसाहारी भोजन को लेकर राजनीति गरमा गई थी। विपक्षी दलों और भाजपा के विरोधियों ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा के सरकार में आने के बाद नॉनवेज बैन हो जाएगा और वह बंगाल की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं पर अपने विचार थोपने की कोशिश कर सकती है।

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भाजपा ने मछली के जरिए दिया था बंगाली संस्कृति का संदेश
इन आरोपों के बीच भाजपा ने अपने चुनावी प्रचार में मछली को प्रमुखता से इस्तेमाल किया था। पार्टी की ओर से यह संदेश देने की कोशिश की गई कि वह बंगाल की स्थानीय खान-पान की आदतों और सांस्कृतिक पहचान का सम्मान करती है। बिधाननगर से बीजेपी उम्मीदवार शरद्वत मुखर्जी समेत पार्टी के कई नेताओं को बड़ी-बड़ी कतला मछलियां लेकर घर-घर प्रचार करते देखा गया था। वहीं, हमीरपुर (हिमाचल प्रदेश) के सांसद अनुराग ठाकुर समेत राष्ट्रीय और राज्य स्तर के बीजेपी नेताओं को एक कार्यक्रम में मछली-चावल यानी 'माछ-भात' खाते हुए भी देखा गया था।

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