फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नीतीश-भाजपा से नाराज कुशवाहा शरद से मिलने पहुंचे, महागठबंधन में शामिल होने की अटकलें तेज

Mon, 12 Nov 2018 09:43 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
विज्ञापन
उपेंद्र कुशवाहा-शरद यादव - फोटो : ANI
विज्ञापन

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के मुखिया उपेंद्र कुशवाहा ने लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव के साथ दिल्ली में मुलाकात की है। इससे पहले उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से सीटों के बंटवारे को लेकर पैदा हुए भ्रम की स्थिति पर चर्चा करने के लिए मुलाकात का समय मांगा था। माना जाता है कि वह बिहार में दो लोकसभा सीट मिलने से नाराज हैं। वहीं बिहार में भाजपा नीतीश कुमार के साथ मिलकर चुनाव लड़ने वाली है।

विज्ञापन




हालांकि यादव से मुलाकात के बाद कुशवाहा ने कहा, 'नीतीश कुमार जी हमारे विधायक को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रहे हैं। वह उपेंद्र कुशवाहा और उनसी पार्टी को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन वह मुझे कोई क्षति नहीं पहुंचा पाएंगे। वह एनडीए का हिस्सा हैं और हम भी हैं। उन्हें इस तरह की चीजें नहीं करना चाहिए।'
विज्ञापन


कुशवाहा और नीतीश कुमार के बीच चलनेवाली खींचतान नई नहीं है। कई मौकों पर कुशवाहा कुमार का और उनकी नीतियों का विरोध कर चुके हैं। कुछ दिनों पहले ही नीतीश ने कुशवाहा को नीच कह दिया था। जिसके बाद कुशवाहा समाज के लोगों ने सीएम नीतीश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कुशवाहा समर्थकों पर लाठीचार्ज कर दिया था। इस दौरान कई पुलिसकर्मी और समर्थक घायल भी हो गए थे।

कयास लगाए जा रहे हैं कि सीट बंटवारे से नाराज उपेंद्र कुशवाहा महागठबंधन में शामिल हो सकते हैं। महागठबंधन में अपनी जमीन को मजबूत करने के लिए ही उन्होंने शरद यादव से मुलाकात की थी। शरद यादव पहले जेडीयू में थे लेकिन लालू का साथ छोड़कर भाजपा के साथ जाने के मुख्यमंत्री के फैसले के खिलाफ उन्होंने पार्टी से नाता तोड़ लिया था। इसके बाद से उन्होंने लालू यादव से अपनी नजदीकियां बढ़ाने का काम किया है।
विज्ञापन


बता दें कि उपेंद्र कुशवाहा ने शरद यादव से मिलने से पहले एनडीए के सहयोगी दल लोक जनशक्ति पार्टी के प्रमुख रामविलास पासवान से रविवार को हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा था कि सीटों का बंटवारा जल्दी हो और इस पर बातचीत हो यह सभी (लोजपा भी) चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह और लोजपा प्रमुख दोनों चाहते हैं कि सीटों के बंटवारे को लेकर निर्णय किये जाने में अधिक समय नहीं लगना चाहिए क्योंकि इससे कई तरह का भ्रम पैदा हो रहा है।
 

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें