आम चुनाव के लिए बिहार में एनडीए घटक दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर ससपेंस जारी है। रालोसपा प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ज्यादा सीट पाने के लिए पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। वहीं लोजपा नेता राम विलास पासवान भी अपने पत्ते नहीं खोल रहे। कुशवाहा मंगलवार को अचानक राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मिलने राष्ट्रपति भवन पहुंचे। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में अपने आवास पर प्रेस कांफ्रेंस की। इसमें उन्होंने साफ कर दिया है कि वह मध्य प्रदेश में किसी भी दल से गठबंधन के मूड में नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने अपने 66 प्रत्याशियों की सूची भी जारी कर दी है।
कुशवाहा ने मंगलवार को दिल्ली में कहा कि सीट बंटवारे को लेकर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है, लेकिन भाजपा ने उन्हें सम्मानजनक सीट देने का वादा किया है। गौरतलब है कि कुशवाहा 40 लोकसभा सीटों वाले बिहार में चार से पांच सीटें मांग रहे हैं। गठबंधन में मनमुटाव के सवाल पर कुशवाहा ने कहा कि वह पूरी तरह एनडीए के साथ हैं। नीतीश कुमार उनके बड़े भाई हैं और वह मोदी को जिताने के पक्ष में हैं।
उल्लेखनीय है कि सीट बंटवारे को लेकर उपेंद्र कुशवाहा दिल्ली आए हैं और आज उनकी मुलाकात भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से होनी थी। लेकिन इससे पहले कुशवाहा ने आज बिहार भाजपा प्रभारी भूपेंद्र यादव से मुलाकात की है।
कांफ्रेंस में उपेंद्र कुशवाहा ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि किसी भी संस्था में लाभ-हानि का बंटवारा संस्था के सभी सदस्यों को झेलना पड़ता है। ऐसा नहीं होता है कि लाभ हुआ तो आपका और घाटा हुआ तो मेरा। उन्होंने कहा कि मैंने भूपेंद्र यादव से कहा, 'हमारी हिस्सेदारी सिर्फ लाभ में ही नहीं बल्कि हानि में भी होनी चाहिए। अगर बिहार में एनडीए में जेडीयू के आने से बड़ी जीत मिली तो खुशी सबकी लेकिन लोकसभा चुनाव के लिए सीटें की संख्या कम हो गईं तो उसका नुकसान केवल हम ही क्यों झेलें, ऐसा नहीं होना चाहिए।'