देश में 128 ऐसी संस्थाएं हैं जो नक्सली और सीपीआई (माओवाद) से सीधे तौर पर जुड़ी हैं। कथित नक्सली लिंक वाले मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी पर महाराष्ट्र पुलिस की ओर से गृहमंत्रालय को सौंपी गई अंतरिम रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इन 128 संस्थाओं की पहचना यूपीए सरकार ने 2012 में की थी।
इन संस्थाओं में रिवॉल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट, इंडियन एसोसिएशन ऑफ पिपुल्स लॉयर्स, पिपुल्स यूनियन फॉर डेमोक्रेटिक राइट्स, महाराष्ट्र स्टेट कमेटी ऑफ सीपीआई (माओवाद) का नाम है। मंगलवार को गिरफ्तार कार्यकर्ता इन्हीं संस्थाओं से जुड़़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उस समय की यूपीए सरकार ने सभी राज्यों से इन संस्थाओं की गहन जांच कर कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया था।
यह गिरफ्तारी उन्हीं जांच का नतीजा है। गिरफ्तार कार्यकर्ताओं में अरुण फरेरा और वर्नान गोनसालविस 2007 में भी गिरफ्तार किया जा चुके हैं और महीनों जेल में बिताया है। इसी तरह वरबरा राव को भी आंध्र प्रदेश पुलिस पहले गिरफ्तार कर चुकी है।