सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुजफ्फरनगर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आदेश दिया कि शिक्षिका के निर्देश पर सहपाठियों द्वारा एक छात्र को कथित तौर पर थप्पड़ मारने के मामले की जांच पर स्थिति रिपोर्ट पेश करें।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति पंकज मिथल की पीठ ने एसपी से छात्र और उसके माता-पिता की सुरक्षा के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जानकारी देने को कहा है। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी नोटिस जारी किया और 25 सितंबर तक जवाब मांगा।
सुप्रीम कोर्ट महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें छात्र को थप्पड़ मारने के मामले में शीघ्र जांच करने का अनुरोध किया गया था।
ये था पूरा मामला
खुब्बापुर गांव के स्कूल में शिक्षिका तृप्ता त्यागी ने पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर 24 अगस्त को अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र की सहपाठियों से पिटाई करा दी थी। इसी दौरान जातीय टिप्पणी का भी आरोप है। प्रकरण के दौरान पीड़ित छात्र के चचेरे भाई ने वीडियो बना लिया था। वीडियो के वायरल होते ही देशभर से प्रतिक्रियाएं आने लगीं और शिक्षिका की गिरफ्तार की मांग उठने लगी। आरोपी शिक्षिका पर केस दर्ज हो चुका है। वहीं, इस संबंध में राज्य शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस भी भेजा था।
खुब्बापुर गांव में किस दिन क्या हुआ
24 अगस्त : पहाड़ा नहीं सुनने पर छात्र को पिटवाया।
25 अगस्त : वीडियो वायरल, पुलिस ने जांच शुरू की।
26 अगस्त : शिक्षिका पर केस, सुलह भी कराई गई।
27 अगस्त : पीड़ितों ने कहा, लड़ेंगे कानूनी लड़ाई।
28 अगस्त : मुस्लिम समाज की पंचायत बेनतीजा।
29 अगस्त : यू-ट्यूबर जुबैर के खिलाफ मुकदमा।
30 अगस्त : माकपा नेताओं का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा।
31 अगस्त : पुलिस ने वीडियो की जांच आगे बढ़ाई।
01 सितंबर : एबीएसए ने लिए शिक्षिकाओं के बयान।
02 सितंबर : स्कूल संघ ने आयोग के सलाहकार से की मुलाकात
03 सितंबर : स्कूल में रविवार की छुट्टी।
04 सितंबर : एक घंटे के लिए खुला स्कूल।