जी हां ये सौ फीसदी सच है। कागज पर जारी आरएम के फरमान यही कहते हैं। करीब डेढ़ महीने पहले मर चुके अक्षम रोडवेज चालक अब सक्षम हो गए हैं। इस चालक से बस चलवाने के लिए ड्यूटी ज्वाइन करने का पत्र भी जारी कर दिया गया है। रोडवेज का ये कारनामा इन दिनों चालकों और परिचालकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि विभाग इसे भूल बताकर अपना पल्ला झाड़ लिया।
हुआ यूं कि यूपी के पीतलनगरी डिपो में तैनात चालक शीशराम पुत्र आशाराम से वर्कशाप में काम लिया जा रहा था। उन्हें अक्षम घोषित किया गया था। पांच मई 2016 को उन्हें दोबारा चिकित्सा परीक्षण के लिए लखनऊ भेजा गया। जहां स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। इसके महीने भर बाद तीन जुलाई को घर पर दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। जबकि पांच दिन बाद आठ जुलाई को लखनऊ से शीशराम के सक्षम होने का पत्र आ गया।
करीब अड़तीस दिन से पड़े इस पत्र की बिना छानबीन किए आरएम ने एआरएम से शीशराम से ड्यूटी लेने का निर्देश दे दिए। शीशराम की मौत होने पर दाहसंस्कार के लिए निगम की ओर से परिवार को पांच हजार की सहायता धनराशि दी गई थी। इसके बावजूद मुर्दे से ड्यूटी लेने का पत्र जारी कर दिया गया। एआरएम पीतलनगरी महेश कुमार ने बताया कि शीशराम का निधन हो चुका है। भूलवश आरएम आफिस से ड्यूटी ज्वाइन करने का पत्र जारी हो गया।