बॉम्बे हाईकोर्ट ने यूपी पावर कॉरपोरेशन प्रोविडेंट फंड मामले में डीएचएफएल के प्रमोटर्स कपिल वधावन और धीरज वाधवान की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। वे सीबीआई के यस बैंक मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
इससे पहले, यस बैंक गड़बड़ी के मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने कपिल वधावन और धीरज वधावन को 10 मई तक सीबीआई की हिरासत में भेज दिया था।
वधावन बंधु यस बैंक के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) राणा कपूर के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में आरोपी हैं। उनके खिलाफ कई करोड़ के घोटाले का मामला दर्ज किया गया था।
सीबीआई की प्राथमिकी के मुताबिक यह घोटाला अप्रैल से जून 2018 के बीच हुआ था, जब यस बैंक ने घोटाला प्रभावित डीएचएफएल के अल्प अवधि के ऋणपत्र में 3,700 करोड़ रुपये निवेश किए थे।
इसके एवज में वधावन ने कथित तौर पर कपूर और उनके परिवार के सदस्यों को कर्ज के रूप में 600 करोड़ रुपये की रिश्वत दी थी। सीबीआई के अलावा प्रवर्तन निदेशालय भी यस बैंक घोटाले के सिलसिले में दोनों भाइयों की भूमिका की जांच कर रहा है।