नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने यूपी के सहारनपुर में पीएनबी की तिजोरी तक जाली नोट पहुंचाने की साजिश रचने वाले दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसी ने पिछले शुक्रवार को हरियाणा के अंबाला से रमेश चंद के बेटे अजय कुमार को और 22 अक्टूबर को हिमाचल प्रदेश के मनाली से देवी चंद रौंटा के बेटे हरीश रौंटा को गिरफ्तार किया है। अजय कुमार और हरीश रौंटा, भारी मात्रा में जाली भारतीय नोटों को अवैध रूप से छापने और उनकी सप्लाई करने की साजिश के मुख्य सूत्रधार हैं।
एनआईए के मुताबिक, ये नोट अन्य आरोपियों के जरिए सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) स्थित पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) की करेंसी चेस्ट यानी तिजोरी तक पहुंचाए गए थे। ये लोग इस साजिश में पहले से गिरफ्तार आरोपी आदेश चौधरी और अन्य आरोपियों के करीबी सहयोगी हैं। यह मामला (RC-02/2026/NIA/LKW) उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के सिविल लाइंस स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में जाली भारतीय नोट रखने से जुड़ा है।
इस साल 29 अगस्त को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन को एक पुख्ता जानकारी मिली कि सहारनपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट से 17.29 करोड़ रुपये (फेस वैल्यू) के जाली भारतीय नोट बरामद हुए हैं। जांच के दौरान बैंक के तीन कर्मचारियों की भी इसमें संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद बैंक ने उन्हें सस्पेंड कर दिया है। यह मामला शुरू में 29 अगस्त को सहारनपुर जिले के सदर बाजार पुलिस स्टेशन में, भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 178 के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर नंबर 0431/2026 के रूप में दर्ज किया गया था।
एनआईए ने तीन सितंबर को इस केस को फिर से दर्ज किया। इससे पहले, 7, 15, 20 और 22 सितंबर को, एनआईए ने एफआईआर में नामजद आरोपी अमित कुमार और मुख्य आरोपियों आदेश चौधरी, मुकेश कुमार, राजेंद्र और नीतू को गिरफ्तार किया था। पूरी साजिश का खुलासा करने और बाकी सह-आरोपियों तथा संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए जांच चल रही है।