उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 26 मार्च को सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एएस बोपन्ना और जस्टिस वी रामा सुब्रमण्यम की बेंच मामले की सुनवाई करेगी।
राज्य सरकार ने भी दायर की कैविएट याचिका
वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार ने भी मामले में सुप्रीम कोर्ट में कैविएट याचिका दाखिल की है। यानी अब पंचायत चुनाव मामले में सुप्रीम कोर्ट को किसी तरह का आदेश पारित करने से पहले यूपी सरकार का पक्ष सुनना होगा।
दरअसल, बीते शनिवार को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने वर्ष 2015 को आधार वर्ष मानकर उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू करने का आदेश दिया था।
वास्तव में इस फैसले को लेकर कुछ लोग खुश हैं और कुछ लोग बेहद दुखी हैं। इस व्यवस्था से कई ग्राम पंचायत के समीकरण ही बदल गए हैं। दिलीप कुमार नामक शख्स द्वारा दायर उस याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट में उनका पक्ष नहीं सुना गया।