उत्तर प्रदेश विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक क्षेत्र की पांच सीटों के चुनावी नतीजे आ चुके हैं। विधानसभा चुनाव के बाद इसमें भी भारतीय जनता पार्टी ने बड़ी जीत हासिल की है। पांच में से चार सीटों पर भाजपा प्रत्याशियों की जीत हुई, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने बाजी मार ली। समाजवादी पार्टी को सभी सीटों पर हार का सामना करना पड़ा है।
इन चुनावी नतीजों से जहां भाजपा खेमे में खुशी की लहर है। सियासी गलियारे में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि आखिर ये नतीजे किस ओर इशारा कर रहे हैं? इसके मायने क्या हैं? राजनीतकिक पार्टियों को इससे क्या संदेश मिल रहा है? आइए समझते हैं...
पहले नतीजे जान लीजिए
गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक, कानपुर खंड स्नातक, बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक, इलाहाबाद झांसी खंड शिक्षक और कानपुर खंड शिक्षक सीट पर 30 जनवरी को मतदान हुआ था। गुरुवार से मतगणना शुरू हुई और अब पूरी तरह से नतीजे जारी हो चुके हैं। पांच में से चार सीटों पर भाजपा की जीत हुई, जबकि एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने बाजी मार ली।
1. बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक सीट पर भाजपा की जीत: विधान परिषद की बरेली-मुरादाबाद खंड स्नातक सीट पर भाजपा प्रत्याशी जयपाल सिंह व्यस्त ने बड़े अंतर से लगातार तीसरी जीत दर्ज की है। उन्होंने सपा के शिव प्रताप सिंह को 51,257 वोटों से हराया। वर्ष 1986 से सीट पर अजेय भाजपा की यह आठवीं जीत है।
2. भाजपा प्रत्याशी अरुण पाठक ने तीसरी बार लहराया जीत का परचम: कानपुर में स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अरुण पाठक ने 62,501 वोटों के साथ जीत दर्ज की है। उन्होंने समाजवादी पार्टी के कमलेश यादव को 53,185 वोटों से हराया है, जिन्हें 9,331 वोट मिले।
3. भाजपा के देवेंद्र प्रताप ने चौथी बार सीट पर किया कब्जा: गोरखपुर में स्नातक एमएलसी चुनाव में भाजपा के देवेंद्र प्रताप ने कीर्तिमान रचते हुए चौथी बार जीत हासिल की है। देवेंद्र प्रताप को कुल 51,699 वोट मिले। सपा के करुणाकांत को 34,244 वोट मिले। देवेंद्र प्रताप को प्रथम वरीयता के अंतिम 8वें राउंड में विजय मिली। एक लाख एक हजार 158 वैध वोटों की गिनती हुई।
4. कानपुर शिक्षक खंड सीट पर निर्दलीय का कब्जा: कानपुर शिक्षक खंड सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी राज बहादुर सिंह चंदेल ने जीत का परचम लहराया है। राज बहादुर सिंह चंदेल ने छठवीं बार जीत दर्ज की। द्वितीय वरीयता की मतगणना के बाद उन्होंने 1,548 वोटों से अपने प्रतिद्वंदी हेमराज को हराया, जिन्हें 3,681 वोट मिले। वहीं भाजपा प्रत्याशी वेणु रंजन भदौरिया तीसरे नंबर पर रहे, जिन्हें 3,282 मत मिले।
5. इलाहाबाद-झांसी एमएलसी सीट पर भाजपा के बाबूलाल तिवारी जीते: इलाहाबाद-झांसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी बाबूलाल तिवारी जीते। देर रात द्वितीय वरीयता क्रम के वोटों की गिनती में भाजपा प्रत्याशी ने 1,403 वोटों से अपने प्रतिद्वंदी सुरेश कुमार त्रिपाठी को शिकस्त दी।
नतीजों ने क्या संदेश दिया?
वरिष्ठ पत्रकार रमाशंकर पटेल कहते हैं, 'भाजपा ने एमएलसी चुनाव में भी रामचरितमानस को लेकर हो रहे बयानबाजी को मुद्दा बनाया था और आखिरी समय में स्नातक और शिक्षक वोटर्स के बीच इसका संदेश पहुंचाने में कामयाब भी रहे। इसका फायदा भाजपा को मिला, जबकि समाजवादी पार्टी को इसका नुकसान उठाना पड़ा।'
सीएम योगी ने क्या कहा?
एमएलसी चुनाव के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप-मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का भी बयान सामने आया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रखने वाले कर्मठ सदस्यों की उपस्थिति उत्तर प्रदेश विधान परिषद की गरिमा को बढ़ाएगी। नए सदस्यों के सार्वजनिक जीवन का सुदीर्घ अनुभव 'नए भारत के नए उत्तर प्रदेश' के निर्माण में सहयोगी सिद्ध होगा।'