मदरसों को 'आतंकवाद की नर्सरी' बताने वाले कई बयानों के बाद इसके उलट खबर आई है। यूपी में बरेली के एक मदरसे सुन्नियत जामिया राजविया मंजर-ए-इस्लाम नाम के एक मदरसे ने दो साल का 'एंटी टेररिज्म कोर्स' शुरू किया है।
हिंदुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इस मदरसे में मुस्लिम विद्वान छात्रों को यह समझाएंगे कि किस तरह कुछ लोग अपनी नापाक करतूतों को धर्म का चोला पहनाने के लिए इस्लाम का सहारा ले रहे हैं। यहां आतंकी संगठनों की पृष्ठभूमि के बारे में भी बताया जाएगा। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि किस तरह भारत में सक्रिय कुछ संगठन धर्म के नाम पर निर्दोष लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
मदरसा चलाने वाली दरगाह-अले -ए हजरत संस्था के प्रवक्ता ने बताया, 'दुनियाभर में आतंकी अपनी अमानवीय हरकतों को सही ठहराने के लिए धार्मिक ग्रंथों का सहारा ले रहे हैं। यह कोर्स उन पर पलटवार है। इसलिए हमने इस कोर्स का नाम एंटी टेररिज्म कोर्स रखा है।'