देश में स्टार्टअप की तादाद 1,40,803 हो गई है। इनमें से 25,000 से अधिक स्टार्टअप महाराष्ट्र में हैं। दूसरे नंबर पर 15,019 संख्या के साथ कर्नाटक, तीसरे पर दिल्ली (14,734), चौथे पर उत्तर प्रदेश (13,299) और गुजरात (11,436) पांचवें नंबर पर है।
उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) के मुताबिक, स्टार्टअप इंडिया सीड फंड योजना के तहत 30 जून तक इनक्यूबेटरों ने स्टार्टअप्स के लिए 90.52 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। 2023 में इस मद में 186.19 करोड़ रुपये थे। बीते साल के 1,025 के मुकाबले इस साल इनक्यूबेटरों ने 592 स्टार्टअप्स को चुना। वहीं, फंड ऑफ फंड्स के तहत समर्थित वैकल्पिक निवेश फंड ने 30 जून तक स्टार्टअप्स में 805.86 करोड़ रुपये का निवेश किया। बीते साल यह 3,366.48 करोड़ रुपये था। एआईएफ समर्थित स्टार्टअप्स की कुल संख्या 30 जून तक 96 रही। 2023 में यह संख्या 148 थी
एक साल में ओएनडीसी का लेनदेन 99 लाख
ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) पर 5.7 लाख से अधिक विक्रेता और सेवा प्रदाता हैं। दरअसल, ओएनडीसी का मकसद डिजिटल या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क पर वस्तुओं और सेवाओं के लेन-देन के सभी पहलुओं के लिए खुले नेटवर्क को बढ़ावा देना है। जनवरी, 2023 में 1,000 से अधिक लेनदेन से यह जून, 2024 में 99 लाख से अधिक लेनदेन तक पहुंच गया है।
154.60 करोड़ रुपये की ऋण गारंटी : स्टार्टअप के लिए ऋण गारंटी योजना के तहत, इस वर्ष 30 जून तक सदस्य संस्थानों ने 154.60 करोड़ रुपये की ऋण गारंटी दी। 2023 में यह गारंटी 271.49 करोड़ रुपये थी। स्टार्टअप उधारकर्ताओं को गारंटीकृत ऋणों की कुल संख्या 30 जून तक 75 रही, वहीं बीते साल यह 107 थी।