उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग ने हरियाणा के पलवल, फरीदाबाद और नूंह मेवात को 19.57 करोड़ रुपये का नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई अपर आगरा कैनाल से होने वाली सिंचाई के सींचकर की वसूली के लिए की गई है।
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधीन संचालित अपर आगरा कैनाल दिल्ली और हरियाणा राज्य से गुजरती है। इसमें आठ किलोमीटर का दायरा दिल्ली और 72 किलोमीटर हरियाणा का है। 1200 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली इस कैनाल में हरियाणा राज्य की सिंचाई की हिस्सेदारी भी 250 क्यूसेक की है। इससे जिला पलवल, फरीदाबाद और नूंह मेवात के किसान सिंचाई करते हैं।
आगरा और मथुरा जिले के बड़े हिस्से में सींच करने वाली अपर आगरा कैनाल के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी हरियाणा और दिल्ली में भी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के कर्मचारियों की ही है। ऐसी स्थिति में हरियाणा के किसानों से सींचकर की वसूली भी उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अपर आगरा कैनाल के स्तर से की जाती है, लेकिन 1994 से हरियाणा ने सींचकर का भुगतान करना बंद कर दिया है।
इसके लिए अपर आगरा कैनाल मथुरा खंड ने हरियाणा संबंधित जिले के डिप्टी कमिश्नर को 19.57 करोड के सींच कर के भुगतान के लिए कहा गया है। एक्सईएन एसके गोयल का कहना है कि नोटिस सींचकर संबंधी बकाए को लेकर भेजा गया है।