समाजवादी पार्टी ने सिर्फ ढपोरशंखी घोषणाएं की थी। आम जनता समाजवादी पार्टी के ढपोरशंख को समझ गई थी। इसीलिए उसने खुलकर भाजपा को वोट किया। इस बार तो भाजपा को समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के समर्थकों ने भी जमकर वोट किया है। सपा- बसपा ने आपसी गठबंधन से एक बार चुनाव लड़ा। फिर सपा और कांग्रेस ने गठबंधन से चुनाव लड़ा। इस बार झंडे सब के अलग थे लेकिन मिले हुए सब थे। जनता समझ गई और झूठे लोगों को एक बार फिर से सत्ता से बाहर ही बिठाने का जनादेश देने का मन बना लिया। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों के बाद आए एग्जिट पोल के रुझानों पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉक्टर दिनेश शर्मा ने आशीष तिवारी से विस्तार से बातचीत की।
प्रश्न- डॉक्टर साहब, रुझान तो बता रहे हैं कि आप फिर से सत्ता में वापसी कर रहे हैं।
मैंने रुझान नहीं देखे हैं। क्योंकि मैं रास्ते में हूं। राजस्थान आया हुआ हूं। लेकिन एक रुझान जो मैंने अपने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में दौरों और राजनीतिक जनसभाओं के दौरान देखा था, वह यही था कि इस बार हम फिर सत्ता में जबरदस्त तरीके से वापसी कर रहे हैं।
प्रश्न- समाजवादी पार्टी कह रही है कि असली फैसला तो 10 मार्च को आएगा। रुझान पर उनका कहना है कि वह फैसले पर भरोसा करते हैं, रुझान पर नहीं।
देखिए, जो मैंने उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में देखा वही आपको बता सकता हूं। मैंने देखा कि इस बार उत्तर प्रदेश की जनता चुनाव लड़ रही है। मोदी योगी सरकार की योजनाओं की घर-घर न सिर्फ प्रशंसा हो रही थी, बल्कि सपा-बसपा के लोग भी उन योजनाओं से लाभान्वित हो रहे थे और भाजपा को वोट दे रहे थे। ऐसे में समाजवादी पार्टी कुछ भी कहती रहे उनका अधिकार है। रुझानों के बारे में तो मुझे नहीं पता लेकिन जो हमने देखा है वह यही है कि सरकार भाजपा की ही बनने वाली है।
प्रश्न- समाजवादी पार्टी कह रही है कि जनता के लिए उन्होंने जो वायदे किए हैं, उसका परिणाम 10 मार्च को 300 से ज्यादा सीटों के तौर पर सामने आएगा।
उनका अपना अधिकार है वह कुछ भी कहें। लेकिन समाजवादी पार्टी ने सिर्फ ढपोरशंखी घोषणाएं की थीं। जनता उनके ढपोरशंख को पहचान गई थी। इसीलिए जनता ने उनको नकारना शुरू कर दिया। समाजवादी पार्टी कुछ भी कहती रहे वह दहाई से ज्यादा अंक में जाने वाले नहीं है।
प्रश्न- अगर यह रुझान 10 तारीख को परिणामों में बदलते हैं, तो आपको क्या लगता है प्रमुख वजह क्या होंगी इसकी?
आप रुझान की बात मत करिए, आप परिणाम की बात करिए। हम सत्ता में पूर्ण बहुमत के साथ वापस आ रहे हैं। इसके पीछे योगी मोदी की वह कल्याणकारी योजनाएं हैं, जिनकी वजह से उत्तर प्रदेश के लोगों का न सिर्फ जीवन स्तर सुधरा, बल्कि गरीबों को मुफ्त राशन मिलना शुरू हो गया। कानून व्यवस्था के मामले में आज उत्तर प्रदेश पूरे देश में अव्वल है। आप देखिए महिलाओं ने कितना ज्यादा वोट किया है। यह सब डबल इंजन की सरकार और योगी-मोदी के विजन और उनके क्रियान्वयन की वजह से ही संभव हो पा रहा है। उत्तर प्रदेश में विकास का जो दौर शुरू हुआ है वह अब रुकने वाला नहीं है।
प्रश्न- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दौरान यह बात कही जा रही थी कि पहले और दूसरे चरण में किसान आंदोलन अपना असर दिखाएगा। रुझानों में ऐसा नहीं दिख रहा है।
किसानों को लेकर मोदी सरकार की जो नीति रही है स्पष्ट है। अब देखिए गन्ना किसानों का भुगतान योगी सरकार ने जितना किया है उतना किसी सरकार ने नहीं किया। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पिछली सरकारों में गन्ना किसान सबसे ज्यादा परेशान होता था। क्योंकि उसके बकाए का भुगतान नहीं हो पाता था। इस बार ऐसा नहीं हुआ और भी जो किसानों की समस्याएं थीं उसे योगी सरकार ने प्राथमिकता पर समाधान किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की बात सिर्फ किसानों के संदर्भ में कर रहे हैं, तो मैं कानून व्यवस्था के लिहाज से भी बात करता हूं। जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश कभी दंगों में जला करता था अब वहां पर कानून का राज है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश भर में महिलाओं ने कानून व्यवस्था के नाम पर जमकर योगी सरकार को वोट किया है।
प्रश्न- डॉक्टर साहब, यह तो रुझान हैं। परिणाम तो 10 मार्च को ही सामने आएंगे। ऐसे में क्या आपको लगता है कि यही रुझान परिणाम में तब्दील हो जाएंगे।
मैंने तो पहले ही कहा है कि हमने रुझान नहीं देखे हैं। यह तो जनता ने तय किया है कि इस बार फिर से भारतीय जनता पार्टी की सरकार को वापस लाना है। उत्तर प्रदेश की जनता को पता है कि जो सपा कभी बसपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ती है, तो कभी कांग्रेस के साथ। उसका असली मकसद सिर्फ सत्ता पाना है न कि प्रदेश का विकास करना। इस बार के चुनावों में इन सभी दलों के झंडे अलग-अलग थे, लेकिन आपस में मिले हुए सभी थे। उनके साथ तो असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी भी मिली हुई थी।