कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोर की हांक लगाई-उ.प्र.। राहुल गांधी ने कहा हां, उ.प्र. में मजा आएगा। जोरदार लड़ाई होगी। राहुल के इस दो वाक्य को तालकटोरा स्टेडियम में जन वेदना सम्मेलन में भाग लेने आए कार्यकर्ताओं ने हाथों हाथ लिया। अपने संबोधन में कांग्रेस उपाध्यक्ष प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, भाजपा और उसकी विचारधारा पर हमलावर रहे, लेकिन उ.प्र. की राजनीतिक परिक्रमा पर कुछ और नहीं बोले। न ही कोई ईशारा किया और न कोई पार्टी के गठबंधन करने का संकेत दिया।
राहुल गांधी के उ.प्र. में मजा आएगा के संबोधन मात्र से कांग्रेसी गदगद हैं। दो छोटे वाक्यों का कार्यकर्ताओं और नेताओं ने अपने हिसाब से मतलब निकाल लिया है। नाम न छापने की शर्त पर लखनऊ से आए प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी ने कहा कांग्रेस उपाध्यक्ष ने सबकुछ कह दिया है। इंतजार कीजिए और समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का ऐलान होने वाला है। मेरठ के युवा कांग्रेस नेता का कहना है कि 14 जनवरी को राहुल और अखिलेश गठबंधन की घोषणा कर देंगे।
वहीं उ.प्र. के कुछ कांग्रेस विधायकों ने इस बारे में सुना है, लेकिन उन्हें पक्का यकीन नहीं है। बनारस में पार्टी के कर्णधार बने नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा बहुत कुछ कहा नहीं जाता। ईशारा ही काफी है, समझिए। कुरेदने पर फोन पर सूत्र ने कहा कि सूबे में कांग्रेस की मौजूदा हालत आपको पता है। आखिर मजा आएगा कैसे? जोरदार लड़ाई कैसे होगी? कुछ समझने की कोशिश कीजिए। समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन का मजबूत भरोसा है।
क्या कहते हैं कांग्रेस के पदाधिकारी
उ.प्र. कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर पीछा छुड़ाते नजर आए। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और संजय सिंह की भी यही स्थिति रही। प्रमोद तिवारी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि उन्हें मीडिया से जानकारी मिल रही है। संजय सिंह ने कहा कि यही सवाल सभी मीडिया कर्मियों के पास है, जबकि गठबंधन पर वह अधिकारिक रूप से कह सकते हैं कि किसी से कोई बात होने की उन्हें जानकारी नहीं है। पार्टी तो सभी विधानसभा सीटों पर सूची जारी करने जा रही है। वहीं मनोज त्यागी समेत तमाम कांग्रेसी नेता घूम-घूमकर भनक पाने में लगे थे कि गठबंधन पर हो क्या रहा है।