यूपी में विधानसभा चुनावों के परिणामों में भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करती दिख रही है। ऐसे में साफ है कि भाजपा ही यूपी में सरकार बनाएगी।
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वहीं, बड़ी उम्मीदों के साथ किया गए सपा-कांग्रेस गठबंधन के दूसरे नंबर पर रहने के संकेत मिल रहे हैं, साफ है कि यूपी को अखिलेश-राहुल का ये साथ ज्यादा पसंद नहीं आया। वहीं प्रचंड बहुमत के साथ मैदान मारती दिख रही भाजपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती मुख्यमंत्री पद के चेहरे की है। क्योंकि चुनावों में तो पार्टी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा आगे कर मैदान में कूद पड़ी थी लेकिन सरकार बनाने के लिए ऐसे चेहरे की जरूरत होगी जो जनता की उम्मीदों और पार्टी की अपेक्षाओं पर खरा उतर सके।
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ये ही एक ऐसा मुद्दा है जिसको लेकर दूसरी पार्टियां भाजपा को घेरती रही हैं ऐसे में अभी से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इस मुद्दे पर माथापच्ची शुरू कर दी होगी। ऐसे में हम आपको रूबरू करा रहे हैं उन चार संभावित चेहरों से जिनमें से भाजपा अपने मुख्यमंत्री पद का चेहरा चुन सकती है।
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रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा
मनोज सिन्हा
- फोटो : amarujala
गाजीपुर से सांसद रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा भी इस पद के तगड़े दावेदार हैं। देश के शीर्ष शिक्षण संस्थानों में शुमार बीएचयू से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक और एमटेक करने वाले मनोज सिन्हा भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की गुडलिस्ट में हैं। उच्च शिक्षित नाम मनोज सिन्हा का नाम मोदी सरकार के काबिल मंत्रियों में शुमार किया जाता है।
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बीएचयू छात्र संघ के अध्यक्ष रहे मनोज सिन्हा पहली बार 1996 में सांसद बने उसके बाद 1999 में दोबारा संसद के लिए चुने गए। 13वीं लोकसभा में उनका नाम सबसे बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले सांसद के तौर पर गिना गया था। वह लोकसभा की विभिन्न समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं।
प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या
केशव प्रसाद मौर्या
- फोटो : amarujala
पार्टी के मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या भी इस पद के बड़े दावेदार हो सकते हैं। कुछ समय से पार्टी ने अपने प्रदेश अध्यक्षों को मुख्यमंत्री न बनाने की परंपरा को तोड़ा है। महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रहे देवेन्द्र फडनवीस और गुजरात प्रदेश अध्यक्ष रहे विजय रुपाणी आज अपने अपने राज्यों में मुख्यमंत्री के पद पर हैं।
ऐसे में केशव प्रसाद मौर्या की दावेदार भी इस पद पर सबसे मजबूत मानी जा रही है। इसके अलावा पिछड़े चेहरे के रूप में भी पार्टी उन्हें आगे कर सकती है। जिससे उस पर से उच्च जातियों की पार्टी होने का ठप्पा भी हट सकता है।
राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह
- फोटो : amarujala
पार्टी में तमाम बड़ी जिम्मेदारियां निभा चुके केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह भी इस पद के बड़े दावेदार हैं। राजनाथ सिंह पूर्व में भी इस पद पर बैठ चुके हैं और दबी छुपी जुबान में उन्हें खुद भी इसका ख्वाहिशमंद माना जाता रहा है।
हालांकि सिंह खुद इस बात से हमेशा इंकार करते रहे हैं कि उनकी यूपी के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचने की कोई इच्छा है, वैसे भी वो पार्टी और सरकार में नंबर दो की हैसियत में हैं।लेकिन राजनीति में कब क्या हो जाए ये कोई नहीं जानता।
वैसे भी राजनाथ सिंह ये बात अच्छी तरह समझते हैं कि मुख्यमंत्री पद पर रहकर ही अच्छा काम करके वह भविष्य में नरेन्द्र मोदी के कद को चुनौती दे सकते हैं, जिन्होंने खुद यह काम गुजरात के मुख्यमंत्री रहते किया था।
केंद्रीय पर्यटन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार महेश शर्मा भी मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा की पसंद हो सकते हैं। शुरू से संघ के कार्यकर्ता रहे डा. महेश शर्मा नोएडा से विधायक रहने के बाद यहीं से पार्टी के सांसद हैं। उन्हें प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह का करीबी भी माना जाता है यही वजह है कि मोदी ने प्रधानमंत्री बनते ही अपनी कैबिनेट में महेश शर्मा को जगह दी थी। भाजपा के दोनों बड़े नेताओं से करीबी भी महेश शर्मा के पक्ष में जा सकती है।