ऐसे में मुसलमानों को अपने वोट को लेकर सोचना चाहिए। मुरादाबाद के सिराज अहमद का कहना था, विकास हुआ है। लोगों को दो वक्त का भोजन मिल रहा है। ढाई लाख रुपये मिले, मकान मिल गया, और क्या चाहिए। पांच साल में सुरक्षा का जो वातारण मिला है, वह सबसे सही काम हुआ है। माफिया, वह तो सलाखों के पीछे हैं।
जो पढ़ा-लिखा मुस्लिम तबका है, वह भाजपा को वोट देगा
मुजफ्फरनगर के प्रसिद्ध 'शिव चौक' के निकट सब्जी मंडी में विक्रेता शब्बीर ने कहा, मेरा अपना अनुमान है कि मौजूदा सरकार दोबारा आएगी। जो पढ़ा-लिखा मुस्लिम है, वह भाजपा को वोट देगा। मौजूदा सरकार ने गुंडागर्दी खत्म कर दी। लड़की आजाद है, मां बाप उससे बेफिक्र हो गए। एक आम आदमी को और क्या चाहिए। उसकी जरूरत तो बस इतनी सी है। कुंदरकी में प्रधान यासीन बाकीपुर ने स्वीकार किया कि भाजपा के समय में खाद्यान्न तो मिला है, मगर विकास ठीक नहीं रहा। हमारे कुछ लोग भाजपा को वोट दे सकते हैं। नकुड़ विधानसभा क्षेत्र में गांव बोड़पुर के किसान इरशाद साजिद कहते हैं, चुनाव में महंगाई मुद्दा है। बाकी तो कोई दिक्कत नहीं है। कानून व्यवस्था ठीक है। देर रात तक कोल्हू पर काम करते हैं। गन्ने की पेमेंट देर-सवेर आ ही जाती है। प्रगतिशील मुस्लिम हैं तो वह योगी को वोट देगा। सरधना के प्रसिद्ध चर्च के सामने बैठे जहीर खान ने कहा, सुरक्षा का माहौल तो बना है। 'थाना भवन' विधानसभा के गांव 'भैसानी इस्लामपुर' में बदले हुए मुस्लिम रहते हैं। जो पहले राजपूत थे, मगर बाद में वे किन्हीं कारणों से मुस्लिम बन गए। इसी गांव के राहुल राणा कहते हैं, गांव में 11 हजार वोटों में से एक हजार वोट भाजपा प्रत्याशी को मिल सकते हैं।
90 फीसदी मुसलमानों को मकान मिले
करहल बाईपास रोड पर सर्वेश यादव ने कहा, सरकारी योजना के तहत 90 फीसदी मुसलमानों को मकान मिल गए, हिंदुओं को उनके मुकाबले बहुत कम मिले हैं। चुनाव में हकीकत दिखाई दे रही है। सरकारी योजनाओं को अधिकांश फायदा मुसलमानों को मिला है। कुछ मुसलमान, भाजपा को वोट दे रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार निर्मल यादव का कहना है कि 'हिजाब' का विवाद उल्टा पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था, पक्के मकान और राशन, इन मुद्दों पर अनेक मुस्लिम परिवार सहमत हैं। अराजकता जैसा कुछ नहीं है। हिजाब, किसी शिक्षण संस्थान के लिए ठीक नहीं है। भाजपा इस मसले को ठीक से हैंडल नहीं कर सकी। अगर वह संभलकर इस मुद्दे पर सकारात्मक पक्ष के साथ आगे बढ़ती तो इससे पार्टी को चुनाव में फायदा हो सकता था।
पार्टी नेताओं की बयानबाजी से यह मुद्दा 'हिंदू-मुस्लिम' बन गया। जो मुस्लिम भाजपा और योगी सरकार को लेकर पॉजिटिव थे, वे पीछे हट गए। उनमें डर बैठ गया। दूसरी तरफ इस मुद्दे से हिंदू वोटरों का वैसा धुर्वीकरण नहीं हो सका, जैसा सोचा गया था। जब ये मामला राजनीतिक रंग में रंगा तो फायदे की जगह, नुकसान में बदल गया। हालांकि यूपी भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा था, हिजाब विवाद का असर यूपी चुनाव में नहीं होने वाला है। यूपी चुनाव विकास और कानून व्यवस्था के नाम पर हो रहा है। प्रदेश में आज 12 बजे रात में भी हिंदू हो या मुस्लिम लड़की, वह अपने घर पहुंच रही है।