विधानसभा चुनाव में कैश पर निगरानी के बाद चुनाव आयोग ने अब प्रत्याशी और पार्टी के बैंक खातों पर नजर गढ़ा दी है। ताकि वह अपने बैंक खाते से मतदाता के खाते में रकम ट्रांसफर कर उन्हें लुभा न सकें। इसके लिए प्रदेशभर में एक हजार इनकम टैक्स के अधिकारी लगाए गए हैं। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त डा. नसीम जैदी ने चुनाव के दौरान अवैध शराब को रोकने के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव को प्रदेशभर में सात दिन का अभियान चलाने का निर्देश दिए है।
मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी की मौजूदगी में आयोग की आठ सदस्यीय टीम ने सोमवार को कमिश्नरी सभागार में उन 26 जिलों की चुनावी तैयारियों की समीक्षा की, जहां प्रथम और द्वितीय चरण में मतदान होना है। इसमें आयोग पुलिस और आबकारी विभाग की अब तक की कार्रवाई से संतुष्ट नजर नहीं आया। राजनीतिक दलों द्वारा थाना स्तर के पुलिस अधिकारियों पर चुनाव प्रभावित करने के लगातार आरोप लगाए जा रहे हैं।
इससे खफा मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी 26 जिलों के जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों से थाना स्तर के ऐसे अधिकारियों की सूची मांगी है। मतदाताओं को लुभाने के लिए किए जा रहे शराब के अवैध भंडारण और फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देशित किया है।
बैंकों को अपना कैश एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना है तो इसके पेपर साथ लेकर चलें
वहीं, कैश के लेन-देन पर सख्त रुख रखते हुए कहा कि बैंकों को भी यदि अपना कैश एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाना है तो वह इसके पेपर साथ लेकर चलें। या फिर जिलाधिकारी को समय रहते इसकी सूचना दें। नहीं तो पकड़े जाने पर यह रकम जब्त कर ली जाएगी। प्रत्याशियों के बैंक खाते पर नजर रखने से पहले सभी रिटर्निंग आफीसरों को इनके शपथपत्र आयोग की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा गया है।
ताकि इनकम टैक्स से जुड़े अधिकारी शपथ पत्रों का अध्ययन कर इनके बैंक खातों को सर्विलांस पर ले सकें। आयोग की टीम में चुनाव आयुक्त एके जोती व ओपी रावत, उपचुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा, संदीप सक्सेना, विजय देव तथा डायरेक्टर जनरल सुदीप जेन व दिलीप शर्मा व मुख्य निर्वाचन अधिकारी टी वेंकटेश मौजूद थे।
माइक साथ लेकर चलेंगे अर्द्धसैनिक बल
इस चुनाव में पहली बार ऐसा होगा कि अर्द्धसैनिक बल अपना साइनेज लगाकर चलेंगे। साथ ही उनके हाथ में माइक होगा। ताकि लोगों से सीधा संवाद कर वातावरण को भयमुक्त बना सके। इसके लिए मुख्य चुनाव आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को क्रिटिकल और वल्नेरेबिल (संवेदनशील और अतिसंवेदनशील) बूथों पर अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
राजनीतिक दलों या प्रत्याशियों को रैली या अन्य किसी प्रकार के आयोजनों की अनुमति 24 घंटे में देने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू करने के लिए निर्देशित किया गया है। रिटर्निंग आफीसर की निगरानी में इस विंडो से ही सभी प्रकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ने इस विंडो पर ही प्रशासन के अलावा पुलिस, ट्रांसपोर्ट तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे।