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किसी को दफनाने की जरूरत नहीं, सबका हो हिंदुओं जैसा अंतिम संस्कारः साक्षी

Tue, 28 Feb 2017 02:59 PM IST
टीम टिजिटल, अमर उजाला, दिल्ली
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साक्षी महाराज, बीजेपी सांसद - फोटो : Getty Images
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अपने विवादों से हमेशा चर्चाओं में रहने वाले साक्षी महाराज ने मुसलमानों की अंतिम संस्कार प्रक्रिया पर हमला किया है।  नरेंद्र मोदी ने अपनी एक रैली में हिंदुओं के लिए श्मशान की कम जगह का मुद्दा उठाया था। अब इस मसले को उन्नाव के बीजेपी सांसद साक्षी महराज ने हवा दी है। साक्षी महाराज ने कहा है कि देश में करीब बीस करोड़ मुसलमान हैं। अगर सबकी कब्र बनी तो उनके लिए जगह कहां से आएगी। 
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Chaahe naam kabristan ho, chaahe shamshan ho, daah hona chahiye, kisi ko gaadne ki aveshyakta nahin hai: Sakshi Maharaj, BJP pic.twitter.com/zbwLzrqeVn — ANI UP (@ANINewsUP) February 28, 2017
उन्होंने आगे कहा कि मुसलमानों के साथ तमाम साधुओं की भी समाधि बनती है। ऐसे में जगह बहुत सीमित है। अब समय आ गया है कि सभी का अंतिम संस्कार जलाकर ही होना चाहिए। फिर वह चाहें सन्यासी हों या मुसलमान। 
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इससे पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

साक्षी महाराज - फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, वृंदावन
इससे पहले बढ़ती जनसंख्या को लेकर साक्षी महाराज ने विवादित बयान दिया था, जिस पर उन्हें चुनाव आयोग ने नोटिस जारी किया था।  साक्षी महाराज ने छह जनवरी को मेरठ में एक मंदिर के उद्घाटन के दौरान कहा था कि देश की आबादी हिंदुओं की वजह से नहीं, बल्कि चार बीवी व 40 बच्चे वालों की वजह से बढ़ रही है। 

साक्षी महाराज ने कहा था कि चार बीवी और 40 बच्चे हमारे देश को मंजूर नहीं हैं। सभी राजनैतिक दल और हिंदुस्तान की जनता बढ़ती जनसंख्या को लेकर चिंतित है। भारत सरकार को इस पर कड़ा कानून बनाना चाहिए। तलाक के नाम पर मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न हो रहा है। तीन तलाक के खिलाफ केंद्र सरकार ने सही कदम उठाया है। उप्र को लूटने वाले सपाई जब अपने परिवार और पार्टी को ही टूटने से नहीं बचा पा रहे हैं, तो उप्र को क्या संभालेंगे। विधान सभा चुनाव में कैराना और कश्मीर का मुद्दा भी रहेगा। साक्षी महाराज ने इशारों ही इशारों में खुद को यूपी के सीएम प्रत्याशी के लिए उपयुक्त चेहरा बता दिया।

उन्होंने कहा था कि उप्र के विधान सभा चुनावों में हम श्रीराम मंदिर के नाम पर वोट नहीं मांगेंगे। मंदिर भाजपा का मुद्दा कभी नहीं रहा। यह साधु संतों का मामला है। विश्व हिंदू परिषद का मामला है। वैसे भी अयोध्या में मंदिर बन चुका है, भले ही छोटा हो। संतों का साथ अगर कांग्रेस देती, तो हम उनके साथ होते। भाजपा ने साथ दिया, इसलिए भाजपा के साथ हैं।
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