यूपी विधानसभा चुनाव में पहले चरण में किस्मत आजमा रहे उम्मीदवारों में करोड़पतियों की भरमार है। पहले चरण में 11 फरवरी को पश्चिमी यूपी की 73 विधानसभा सीटों पर मतदान होना है। सामाजिक संस्था एडीआर ने पहले चरण में मैदान में उतरे कुल 839 उम्मीदवारों में से 836 के शपथ पत्र का गहराई से अध्ययन किया है। इनमें करोड़पतियों की संख्या 302 है। 5 करोड़ से अधिक संपत्ति वाले उम्मीदवारों की संख्या 119 है तो 2 से 5 करोड़ की संपत्ति वाले 103 उम्मीदवार मैदान में हैं।
50 लाख से 2 करोड की संपत्ति वाले उम्मीदवारों की संख्या 167 है। 203 उम्मीदवार 10 लाख से 50 लाख के बीच वाले हैं। 10 लाख से कम संपत्ति वाले उम्मीदवारों की संख्या 244 है। इन आंकड़ों के अनुसार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे औसत उम्मीदवार 2.81 करोड़ के मालिक हैं।
व्यक्तिगत मालदारों के मामले में कांग्रेस सबसे आगे है। कांग्रेस के टिकट पर आगरा दक्षिण से चुनाव लड़ रहे नजीर अहमद ने आयोग को अपनी चल-अचल संपत्ति 211 करोड़ की बताई है। मथुरा के मांठ से भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरे सतीश कुमार शर्मा अमीरी में दूसरे नंबर पर हैं। वे 114 करोड़ की चल-अचल संपत्ति के मालिक हैं। इस श्रेणी में तीसरा नंबर भी भाजपा उम्मीदवार का है। आगरा के बाह से चुनाव लड़ रहीं रानी पक्षालिका सिंह 58 करोड़ की मालकिन हैं।
किस पार्टी से कितने करोड़पति उम्मीदवार, देखें
दलगत करोड़पतियों के आंकडे़ के अनुसार बसपा के 73 उम्मीदवारों में से 66 करोड़पति हैं तो भाजपा के 73 उम्मीदवारों में करोड़पतियों की संख्या 61 है। वहीं समाजवादी पार्टी के 51 उम्मीदवारों में से 40 करोड़पति हैं तो कांग्रेस के 24 उम्मीदवारों में से 18 करोड़पति हैं। आरएलडी के 57 उम्मीदवारों में करोड़पतियों की संख्या 41 है और बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे 293 उम्मीदवारों में 43 उम्मीदवार करोड़पति हैं। उम्मीदवारों की चल-अचल संपत्ति का दलगत आंकलन करें तो कांग्रेस उम्म्ीदवारों की औसत संपत्ति 13.18 करोड़, भाजपा उम्मीदवारों की 7.40 करोड़, बसपा उम्मीदवारों की 6.77 करोड़, सपा उम्मीदवारों की 5.98 करोड़, आरएलडी के उम्दमीदवारों की 5.15 करोड़ और निर्दलीय उम्मीदवारों की चल-अचल संपत्ति औसत 80.57 लाख है।
आपराधिक रिकार्ड के मामलों में भी पहले चरण के उम्मीदवारों का रिकार्ड अच्छा नहीं है। 836 में से 168 उम्मीदवार आपराधिक रिकार्ड वाले हैं। इसमें 143 उम्मीदवारों का रिकार्ड तो बेहद गंभीर अपराधों से जुड़ा है। हत्या के मामले से जुड़े उम्मीदवारों की संख्या 15 हैं तो हत्या के प्रयास वाले 42 उम्मीदवार मैदान में हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों के 5 उम्मीदवार मैदान में हैं। 2 उम्मीदवारों का रिकार्ड अपहरण के मामलों से जुड़ा हुआ है। पहले चरण में 26 सीटें अति संवेदनशील हैं। ऐसी सीटों पर तीन से ज्यादा प्रत्याशी अपराधिक रिकार्ड वाले हैं। दलगत उम्मीदवारों के आपराधिक रिकार्ड पर नजर डालें तो भाजपा ने 73 में से 29, बसपा ने 73 में से 28, आरएलडी ने 57 में 19, सपा ने 51 में से 15 और कांग्रेस ने 24 में 6 आपराधिक रिकार्ड वाले है। बतौर निर्दलीय मैदान में उतरे 293 उम्मीदवारों में 38 आपराधिक रिकार्ड वाले हैं।