उत्तर प्रदेश में दलित सांसदों की नाराजगी लगातार बढ़ रही है। इस क्रम में सांसद सावित्रीबाई फूले और छोटे लाल के बाद अब इटावा के भाजपा सांसद अशोक कुमार दोहरे ने तेवर दिखाए हैं।
छोटे लाल की तर्ज पर दोहरे ने पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर राज्य में दलितों का जम कर उत्पीड़न करने, मारपीट करने और चुन चुन का झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। बकौल दोहरे पीएम ने उन्हें इस मामले में जांच का भरोसा दिया है।
पीएम को बीते 5 अप्रैल को संबोधित पत्र में दोहरे ने लिखा है कि एससी-एसटी वर्ग द्वारा बीते 2 अप्रैल को बुलाए गए भारत बंद के बाद खासतौर पर उत्तर प्रदेश में इस वर्ग के लोगों पर प्रदेश सरकार और स्थानीय पुलिस लगातार जुल्म कर रही है।
निर्दोष लोगों को घरों से निकालने के बाद जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के साथ मारपीट और अपमानित किया जा रहा है। बड़ी संख्या में दलितों को झूठे मुकदमों में फंसाया जा रहा है। ऐसे में आपके द्वारा मामले में हस्तक्षेप करने और राज्य सरकार को निर्देश देने की जरूरत है।
अमर उजाला से बातचीत में दोहरे ने कहा कि आंदोलन के बाद स्थानीय पुलिस बेलगाम हो गई है। ऐसे में बतौर सांसद उनका दायित्व है कि वह प्रधानमंत्री को हालात की जानकारी दें।
दोहरे ने कहा कि पीएम ने उन्हें इस मामले में पूरी मदद देने और दलितों पर किसी प्रकार का अत्याचार नहीं होने देने का भरोसा दिया है। दोहरे ने यह भी कहा कि उनके पास दलित बिरादरी के पूरे प्रदेश से फोन आ रहे हैं। सभी जगह से उत्पीड़न और अपमानित करने की शिकायत की जा रही है।
गौरतलब है कि दोहरे से पूर्व सांसद फूले ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल था। इसके बाद सांसद छोटेलाल ने यूपी के सीएम पर उन्हें डांट कर भगाने की पीएम से शिकायत की थी। दिल्ली के दलित बिरादरी के सांसद उदित राज भीमराव आंबेडकर के नाम में रामजी जोड़े जाने पर पहले ही सार्वजनिक तौर पर आपत्ति जता चुके हैं।