उत्तर प्रदेश की चुनावी जंग में उतरने वाली प्रमुख राजनीतिक दलों के सीएम प्रत्याशी खुद चुनाव लडने से शायद दूर ही रहंगे। सपा, बसपा और कांग्रेस के सीएम प्रत्याषी घोषित हैं, भाजपा के नाम का अभी इंतजार है।
यूपी में अगले साल यानि 2017 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। सभी प्रमुख पार्टी चुनावी तैयारी में जुटी हैं। अपने दल को जीत दिलाने के बाद मुख्यमंत्री कौन होगा, यह भी साफ कर दिया है, लेकिन दिलचस्प बात यह होगी कि प्रमुख राजनीतिक दलों के सीएम कंडीडेट अपने उम्मीदवारों को चुनाव लड़ाएंगे जरूर, लेकिन खुद शायद की चुनाव लड़े। समाजावादी पार्टी साफ कर चुकी है कि मुलायम सिंह यादव पार्टी के मार्गदर्शक होंगे , लेकिन सीएम का चेहरा अखिलेश यादव ही होंगे।
अखिलेश यादव जब 2012 में सीएम बने थे, तब वह सांसद थे। शपथ लेने के बाद उनको पार्टी ने एमएलसी बनाया था। 2018 तक उनका एमएलसी का कार्यकाल अभी बाकी है। खुद सीएम भी चुनाव नहीं लडने के संकेत देते रहे हैं। उनकी तरफ से पार्टी नेताओं से भी कहा जाता रहा है कि अगर मैं चुनाव लड़ता हूं तब मैं सूबे में ज्यादा से ज्यादा प्रचार नहीं कर सकूंगा।