DY Chandrachud: पूर्व सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि एएचआरसी प्रमुख के लिए उनके नाम पर विचार किया जा रहा है। चंद्रचूड़ ने कहा, यह झूठ है। मैं अभी अपनी सेवानिवृत्त जिंदगी का आनंद ले रहा हूं।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी.वाई.चंद्रचूड़ ने शुक्रवार को मीडिया में आई उन खबरों को 'झूठा' करार दिया, जिनमें यह दावा किया गया था कि उन्हें राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) का अध्यक्ष बनाने पर विचार किया जा रहा है। जस्टिस चंद्रचूड़ सुप्रीम कोर्ट के 50वें सीजेआई रहे। 10 नवंबर को इस पद से वह सेवानिवृत्त हो गए थे।
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चंद्रचूड़ ने कहा, 'यह (एनएचआरसी के अध्यक्ष बनाने पर विचार) झूठ है। अभी मैं अपनी सेवानिवृत्त जिंदगी का आनंद ले रहा हूं।' सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज अरुण कुमार मिश्रा का एनएचआरसी के अध्यक्ष के रूप में कार्यकाल एक जून को समाप्त हो गया था। तबसे यह पद खाली पड़ा है।
पीएम मोदी ने बुलाई थी बैठक
सूत्रों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अध्यक्षता में 18 दिसंबर को एक उच्च स्तरीय समिति ने एनएचआरसी के नए अध्यक्ष का चयन करने के लिए बैठक की थी। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में विपक्ष के नेता और पार्टी नेता राहुल गांधी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के रूप में इस बैठक में भाग लिया था।
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विजया भारती एनएचआरसी की कार्यवाहक अध्यक्ष
सेवानिवृत्त जज अरुण कुमार मिश्रा ने जून 2021 में एनएचआरसी प्रमुख का कार्यभार संभाला था। एनएचआरसी के अध्यक्ष के चयन के लिए गठित चयन समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं, जबकि इसमें लोकसभा अध्यक्ष, गृह मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता और राज्यसभा के उप सभापति भी सदस्य होते हैं। जस्टिस मिश्रा के सेवानिवृत्त होने के बाद एनएचआरसी की सदस्य विजया भारती को कार्यवाहक अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
एनएचआरसी अध्यक्ष की नियुक्ति राष्ट्रपति एक चयन समिति की सिफारिश पर करते हैं। इससे पहले पूर्व सीजेआई एल.एच. दत्तू और के.जी.बालकृष्णन एनएचआरसी के अध्यक्ष रह चुके हैं।