पाकिस्तान की चालबाजी पर भी सवाल
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अपनी संसद में दावा किया था कि उन्होंने यूएनएससी के बयान से टीआरएफ का नाम हटवा दिया। लेकिन अब इस रिपोर्ट में टीआरएफ का नाम आना यह साबित करता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की सच्चाई सामने आ रही है।
ये भी पढ़ें:- LGBTQ: इस कैरेबियाई देश में समलैंगिक संबंध बनाना हुआ अपराधमुक्त, औपनिवेश काल का कानून खत्म हुआ
भारत की मजबूत होती स्थिति
हालांकि इस रिपोर्ट से आतंक के खिलाफ भारती की नीति को और मजबूती मिलने की संभावना तेज हो गई है। कारण है कि भारत लंबे समय से पाकिस्तान पर सीमा पार से आतंकवाद फैलाने का आरोप लगाता रहा है। अब जब यूएनएससी की रिपोर्ट में भी इसका जिक्र हुआ है, तो भारत को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिलने की संभावना बढ़ गई है।
अब समझिए लश्कर-ए-तैयबा और टीआरएफ का कनेक्शन
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर जारी रिपोर्ट में एक सदस्य देश ने कहा है कि यह हमला लश्कर-ए-तैयबा की मदद के बिना मुमकिन नहीं था और टीआरएफ का सीधा संबंध एलईटी से है। वहीं दूसरे एक देश ने कहा कि टीआरएफ और एलईटी एक ही संगठन हैं, सिर्फ नाम बदला गया है।
हालांकि, रिपोर्ट में एक और देश संभावित रूप से पाकिस्तान ने कहा कि लश्कर ए तैयबा अब खत्म हो चुका है और उसका कोई अस्तित्व नहीं है। लेकिन रिपोर्ट में यह साफ दिखता है कि दुनिया टीआरएफ और एलईटी के बीच संबंध को मान रही है, जिससे पाकिस्तान के नापाक इरादे और झूठ दुनिया के सामने उजागर हो रहे हैं।