उन्नाव
रेप मामले में याचिका दायर करने वाले वकील से नाराज
सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या आपके किसी रिश्तेदार से रेप हुआ है? याचिकाकर्ता को अदालत के ऐसे तीखे सवालों का सामना करना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट ने वकील एमएल शर्मा के ‘लोकस स्टैंडाई’ पर सवाल उठाते हुए यह प्रश्न पूछा। पीठ ने उसके बाद याचिका खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली पीठ ने याचिकाकर्ता से पूछा कि आखिर आपने किस हैसियत से याचिका दायर की है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि बलात्कार के मामलों में ताकतवर लोगों जैसे मंत्री, सांसद या विधायक के खिलाफ पुलिस मुकदमे दर्ज नहीं करती। पीठ ने कहा कि आखिर आपराधिक मामले को लेकर जनहित याचिकाएं कैसे दायर की जा सकती हैं।
पीठ ने पूछा कि आखिर उन्नाव बलात्कार मामले से उनका क्या नाता है और वह इस मामले से कैसे प्रभावित हैं। पीठ ने यह भी कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट पहले ही इस मामले में आदेश पारित कर चुका है। पीठ ने कहा कि आपराधिक मामलों को लेकर जनहित याचिकाएं नहीं दी जा सकतीं।