सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो को उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता की दुर्घटना के मामले की पूरी जांच करने के लिए 15 दिनों का और समय दिया है। इस दुर्घटना में पीड़िता, इसके परिवार के सदस्य और वकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता और न्यायमूर्ति अनिरुद्ध बोस की खंडपीठ से अधिक समय की मांग करते हुए कहा कि पीड़िता के वकील अभी भी बेहोश हैं और उनका बयान दर्ज नहीं किया गया है।
इससे पहले हुई सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को दुर्घटना में घायल वकील की चिकित्सा खर्च के लिए पांच लाख रुपये का अंतरिम मुआवजा देने का भी निर्देश दिया था।