उन्नाव दुष्कर्म की पीड़िता के पिता को अवैध हथियार रखने के मामले में झूठा फंसाया गया था और पुलिस से मिलीभगत कर आरोपियों ने उससे हथियार की बरामदगी करवाई थी। पुलिसकर्मियों व आरोपियों के बीच मोबाइल फोन पर बातचीत का डाटा भी मौजूद है। यह दलील सीबीआई ने बांगरमऊ के विधायक कुलदीप सिंह सेंगर व अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोपों पर जिरह करते हुए दी। पीड़िता के पिता को भीड़ ने पीटा था जिसके कारण हिरासत में उसकी मौत हो गई थी।
सीबीआई ने यह भी आरोप लगाया कि जो कट्टा व चार कारतूस पीड़िता की निशानदेही पर बरामद किया गया वह उसका नहीं था और उस पर यह हथियार थोपा गया था। आरोपियों ने पुलिस के साथ मिलीभगत कर यह किया था। इसके अलावा एसआई कामता प्रसाद की गिरफ्तारी के एक माह बाद उसके घर से एक कट्टा बरामद हुआ था। इस पर कामता प्रसाद के वकील भरत सिंह ने आपत्ति की। इस पर सीबीआई ने कहा कि उस हथियार की बरामदगी का इस केस से कोई लेना देना नहीं है।
पेश मामले में जमानत पर चल रहे आरोपी यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर अशोक सिंह भदौरिया, एसआई कामता प्रसाद पेश हुए। इनके अलावा कुलदीप सिंह सेंगर, शैलेंद्र सिंह उर्फ टिंकू सिंह, विनीत मिश्रा उर्फ विनय मिश्रा, बिरेंद्र सिंह उर्फ बौवा सिंह, राम शरण सिंह, शशि प्रताप सिंह व जयदीप सिंह उर्फ अतुल सिंह को दिल्ली पुलिस ने तिहाड़ जेल से लाकर पेश किया।