निशा बिस्वाल बोलीं, इस नजरिए से इतिहास की हिचकिचाहट दूर हुई
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भारत-अमेरिका संबंधों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नजरिए को ओबामा प्रशासन ने मोदी सिद्धांत का नाम दिया है। प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिका यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिका की सहायक विदेश मंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने कहा कि मोदी के इस दृष्टिकोण ने इतिहास की हिचकिचाहट को दूर किया है और यह दुनिया की अच्छाई के लिए है।
बिस्वाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा की सबसे अहम बात यही रही कि अमेरिकी कांग्रेस की संयुक्त बैठक से पहले मोदी की ओर से भारत-अमेरिका संबंधों पर जो नजरिया पेश किया गया वह बिल्कुल स्पष्ट था। उनके इस नजरिए को मैं मोदी सिद्धांत का नाम दूंगी। उनके इस दृष्टिकोण में सामने आई विदेश नीति से इतिहास की हिचकिचाहट दूर हुई है और इसमें दोनों देशों के हितों के लिए मिलकर काम करने की बात की गई।
बिस्वाल ने ‘मोदी की यात्रा के सुरक्षा संबंधी और सामरिक परिणामों’ के मुद्दे हुई चर्चा में कहा कि मोदी ने अपने भाषण में अमेरिका भारत संबंधों पर फिर अपना साहसी नजरिया पेश किया, जिससे हिंद महासागर से लेकर प्रशांत महासागर तक एशिया और अफ्रीका में शांति, समृद्धता और स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही समुद्र में सुरक्षित वाणिज्यिक आवाजाही और स्वतंत्र आवाजाही भी सुनिश्चित होगी। इस चर्चा का आयोजन अमेरिकी थिंक टैंक हेरिटेज फाउंडेशन और भारतीय टिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन ने मिलकर किया था।
बिस्वाल ने कहा कि मोदी सिद्धांत में साफ है कि एक सर्वमान्य सुरक्षा तंत्र के अभाव में एशिया में अस्थिरता का माहौल है। उन्होंने कहा कि एशिया में ओबामा प्रशासन के संतुलन बनाने की प्रक्रिया में भारत की भूमिका अहम है। अमेरिका की सुरक्षा और समृद्धता भारतीय और प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और समृद्धता पर निर्भर करती है। भारत में अमेरिकी राजदूत रिचर्ड वर्मा ने भी कहा कि अमेरिका प्रधानमंत्री मोदी के नजरिए का स्वागत करता है। हम भारत के एक बड़ी ताकत के रूप में उभरने का समर्थन करते हैं।