डियाजियो द्वारा नियंत्रित यूनाइटेड स्पिरिट्स ने शनिवार को खुलासा किया कि शराब कारोबारी विजय माल्या ने 1,225.30 करोड़ रुपये के अनुचित लेनदेन और फंडों की हेराफेरी की थी। इसमें विजय माल्या की स्वामित्व वाली अन्य कंपनियां जैसे किंगफिशर एयरलाइंस और उनकी फार्मूला वन टीम भी शामिल थी।
बांबे स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना में यूएसएल ने बताया है कि अतिरिक्त जांच अक्टूबर 2010 से जुलाई 2014 की अवधि के लिए की गई। यद्यपि ऐसा लगता है कि इस अवधि से पहले कुछ लेनदेन की शुरुआत हो चुकी थी।
माल्या के यूबी ग्रुप का अधिग्रहण ब्रिटेन की जानी मानी शराब कंपनी डियाजियो ने 2013 में किया था। यह कई अरब डॉलर का सौदा था। डियाजियो ने स्पष्ट किया है कि माल्या के साथ जो सौदा हुआ था, उसके तहत अंदरूनी ‘अतिरिक्त जांच’ के नवीनतम नतीजे के दावों से वह दोषमुक्त नहीं हो सकते।
मालूम हो कि नौ हजार करोड़ रुपये का कर्ज न चुकाने के कारण बैंकों ने माल्या को ‘जान बूझ कर डिफॉल्ट करने वाला’ घोषित किया था। यह कर्ज उन्होंने तत्कालीन किंगफिशर एयरलाइंस के लिए लिया था। माल्या ने फरवरी में यूएसएल (यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड) के साथ सेटलमेंट किया जिसमें तय हुआ कि कंपनी छोड़ने के लिए उसे 500 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा और वह किसी भी ‘व्यक्तिगत जिम्मेदारी’ से दोषमुक्त नहीं होंगे।