यूनिटेक के प्रमोटर संजय चंद्रा को शुक्रवार को भी सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। शीर्ष अदालत ने फिलहाल संजय चंद्रा और उनके भाई को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। अब सुप्रीम कोर्ट 15 सितंबर को चंद्रा की अंतरिम जमानत पर विचार करेगी।
चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि यूनिटेक के कई प्रोजेक्ट, फ्लैटों की संख्या और निवेशकों का विवरण मिलने के बाद ही संजय चंद्रा की अंतरिम जमानत याचिका पर विचार किया जा सकता है। साथ ही पीठ ने इस मामले में पवन सी अग्रवाल को अमाइकस क्यूरी नियुक्त किया है।
पीठ ने एक बार फिर दोहराया कि जो निवेशक फ्लैट लेना चाहते हैं, उन्हें फ्लैट मिलेगा और जो रकम वापस चाहते हैं उन्हें रकम वापस मिलेगी। साथ ही पीठ ने यूनिटेक से भी कहा कि जो प्लॉट लेना चाहते उन्हें प्लॉट दिए जाएं। शीर्ष अदालत ने कहा कि हमें इस बात से कोई मतलब नहीं है कि यूनिटेक रकम का जुगाड़ कहां से करेगा।