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..ऐसे लोगों को देशद्रोही ही बोला जाता है, ये कहकर 'गुपकार गैंग' पर बरसे वीके सिंह

Fri, 20 Nov 2020 10:35 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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जनरल वीके सिंह - फोटो : सोशल मीडिया
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केंद्रीय मंत्री जनरल वीके सिंह ने शुक्रवार को गुपकार गैंग को लेकर जमकर निशाना साधा। उन्होंने साफ कहा कि वे लोग जो देश के खिलाफ बात करते हैं, वे किसी भी पार्टी के क्यों ना हों, ऐसे लोगों को देशद्रोही ही कहा जाता है।

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ये अलग-अलग रंग के लोग, इनका कोई वजूद नहीं
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अगर आप इन लोगों को देखें जिन्हें गुपकार गैंग का नाम दिया गया है, ये अलग-अलग रंग के लोग हैं। कुछ लोग सिर्फ स्वार्थ के लिए इसमें हैं। कुछ ऐसे हैं जो बहुत सालों से आतंकवादियों के हिमायती रहे हैं। ये अलग-अलग रंग के लोग हैं इनका कोई वजूद नहीं है। केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने कहा कि जो देश के खिलाफ बात करता है, चाहे वो कांग्रेस का हो, चाहे PDP का हो, चाहे NC का हो, ऐसे लोगों को देशद्रोही ही बोला जाता है।
 

क्या है गुपकार गठबंधन
दरअसल, गुपकार जम्मू-कश्मीर के विपक्षी दलों का एक गठबंधन है, जिसे पीपुल्स एलायंस फॉर गुपकर डिक्लेयरेशन (पीएजीडी) का नाम दिया गया है, जो एक तरह का घोषणा पत्र है। इसी गुपकार घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली सभी पार्टियों के एक समूह को गुपकार गठबंधन कहा जाता है।
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गुपकार समझौते का लक्ष्य
गुपकार समझौते के प्रमुख लक्ष्य है आर्टिकल 370 की बहाली करना है। इस समझौते के तहत गठबंधन के अध्यक्ष नेशनल कॉन्फ्रेंस के चीफ फारुक अब्दुल्ला हैं और इसकी उपाध्यक्ष पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती हैं। 

क्यों पड़ा गुपकार नाम?
दरअसल, गुपकार एक सड़क का नाम है। इसी सड़क पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला का घर है। बैठक उनके घर पर हुई थी, इसीलिए इसे गुपकार समझौते का नाम दे दिया गया। इसी जगह पर यानी फारूक अब्दुल्ला के आवास पर राज्य से आर्टिकल 370 हटने से एक दिन पहले यानी 4 अगस्त 2019 को कश्मीर के कुछ दलों ने एक साथ बैठक की थी।

15 अक्तूबर को फारूक अब्दुल्ला के घर पर बुलाई गई थी बैठक
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद हिरासत में लिए गए तमाम दिग्गज नेताओं की रिहाई होने के बाद तमाम स्थानीय दलों के नेताओं ने केंद्र के खिलाफ नया मोर्चा खोलने का फैसला किया। इसके लिए 15 अक्तूबर को फारूक अब्दुल्ला के घर पर एक बैठक बुलाई गई थी, जिसमें गुपकार समझौता-2 पर सभी दस्तखत हुए।
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