Suresh Gopi: केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने शनिवार को प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं को भरोसा दिया कि वे उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। आशा अपने मानदेय में वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ की मांग के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। आइए इस बारे में विस्तार से जानें।
केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी ने शनिवार को प्रदर्शन कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं को भरोसा दिया कि वे उनकी मांगों को केंद्र सरकार तक पहुंचाएंगे। आशा अपने मानदेय में वृद्धि और सेवानिवृत्ति लाभ की मांग के लिए प्रदर्शन कर रही हैं। सचिवालय के सामने धरना स्थल का दौरा कर पत्रकारों से बात करते हुए केन्द्रीय पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस व पर्यटन राज्य मंत्री गोपी ने कहा कि आशा के आंदोलन को कमजोर नहीं किया जाना चाहिए।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा, "किसी को भी किसी राजनीतिक विचारधारा की सहकारी प्रणाली को अंततः खारिज करके उसका महत्व कम नहीं करना चाहिए। कई राजनीतिक प्रणालियों ने लोगों को नुकसान पहुंचाया है, और इसे उजागर किया जाएगा।" गोपी ने कहा कि यदि आशा (मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता) असुरक्षित महसूस करती हैं तो वह इस मामले को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष उठाएंगे।
गोपी ने कहा, "चूंकि आशा एक केन्द्र प्रायोजित योजना है, इसलिए इसे विशिष्ट मानदंडों के साथ तैयार किया गया है, जिसकी समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री से अनुरोध किया जा सकता है।" मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता (आशा) कार्यकर्ताओं का एक वर्ग पिछले 20 दिनों से केरल सचिवालय के बाहर मानदेय और अन्य लाभों को बढ़ाने की मांग कर आंदोलन कर रहा है। हालांकि, केंद्रीय राज्य मंत्री ने साफ किया कि वह विरोध प्रदर्शन में भाग नहीं ले रहे हैं। वे श्रमिकों की शिकायतें सुनने और यह सुनिश्चित करने आए हैं कि वे उचित अधिकारियों तक पहुंचें।
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दूसरी ओर, विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शनिवार को केरल की वामपंथी सरकार पर आशा के चल रहे विरोध प्रदर्शन का "मजाक" उड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कोच्चि में संवाददाताओं से कहा, "सत्तारूढ़ एलडीएफ बेहतर वेतन की मांग कर रही आशा के विरोध-प्रदर्शन का मजाक उड़ा रही है।" उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि राज्य में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार है या दक्षिणपंथी उग्रवादी संगठन की।